छत्तीसगढ़

फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिल से 7.50 हजार रुपए की हेराफेरी, पति-पत्नी सस्पेंड

Shantanu Roy
14 Oct 2025 9:35 PM IST
फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिल से 7.50 हजार रुपए की हेराफेरी, पति-पत्नी सस्पेंड
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Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग में फर्जी मेडिकल रीइंबर्समेंट बिल के माध्यम से लगभग 7.50 हजार रुपए की हेराफेरी सामने आई है। मामला बिल्हा ब्लॉक के पौंसरा संकुल का है, जहां समन्वयक और शिक्षक नेता साधेलाल पटेल ने अपनी टीचर पत्नी राजकुमारी पटेल के साथ मिलकर यह गड़बड़ी की और विभाग से पैसे गबन कर लिए। दोनों पति-पत्नी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस को एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र भी भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, साधेलाल पटेल ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल बनवाए और उन्हें विभाग में रीइंबर्समेंट के लिए जमा किया। साधेलाल की पत्नी राजकुमारी पटेल बैमा के दैहानपारा प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर हैं। पति-पत्नी ने मिलकर कई बार यह गड़बड़ी की और पैसे निकाल लिए।

7.50 हजार रुपए की हेराफेरी का खुलासा
जांच में पाया गया कि साधेलाल पटेल ने अपने साथी शिक्षक के मेडिकल बिल में फर्जी सील और हस्ताक्षर लगाकर, अपने मृतक साले, पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर लाखों रुपए का आहरण किया। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश रकम राजकुमारी पटेल के खाते में जमा हुई। जांच रिपोर्ट में सिविल सर्जन और मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि पहले से ही 33,123 और 40,947 रुपए संबंधित कर्मचारियों को दे दी गई थी। इसके बाद इन्हीं देयकों को कूटरचित दस्तावेज बनाकर दोबारा निकाल लिया गया। इसमें 4,33,123 और 2,40,947 रुपए क्रमशः साधेलाल के रिश्तेदार और पत्नी के खाते में जमा कर दिए गए।

पति-पत्नी दोनों को सस्पेंड
पौंसरा संकुल प्रभारी शिक्षक साधेलाल पटेल को संयुक्त संचालक आरपी आदित्य ने सस्पेंड कर दिया। साधेलाल की पत्नी और बैमा स्कूल की प्रधान पाठक राजकुमारी पटेल को भी निलंबित किया गया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है और संबंधित लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।

एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया
इस मामले में जिलाधिकारी (जेडी) ने डीईओ को साधेलाल के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। डीईओ ने यह जिम्मेदारी बिल्हा ब्लॉक के बीईओ भूपेंद्र कौशिक को सौंप दी। बीईओ ने सोमवार को संकुल समन्वयक साधेलाल के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए सभी दस्तावेज सौंप दिए। बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि साधेलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए थाने को गड़बड़ी संबंधित जांच रिपोर्ट और दस्तावेज दिए गए हैं। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के लिए पात्र पत्र भी लिखा गया है।

घोटाले का तरीका
साधेलाल और राजकुमारी पटेल ने मिलकर फर्जी बिल बनवाए और रीइंबर्समेंट के लिए विभाग में जमा कराए। फर्जीवाड़े में सील और हस्ताक्षर की जालसाजी करके मृतक साले और रिश्तेदारों के नाम से पैसे निकाल लिए। इस तरह कई बार विभाग से रकम गबन की गई। जांच में यह भी पता चला कि बड़ी रकम का अधिकांश हिस्सा राजकुमारी पटेल के खाते में जमा हुआ। इससे यह स्पष्ट होता है कि पति-पत्नी ने मिलकर सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की। घटना सामने आने के बाद विभाग ने जांच शुरू की, और जांच रिपोर्ट के आधार पर साधेलाल और राजकुमारी पटेल को सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा, बीईओ ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने को पत्र सौंपा। इस मामले में संबंधित कर्मचारियों के बयान और दस्तावेजों की भी जांच जारी है। विभाग ने सभी फर्जी बिल और संबंधित दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं।
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