छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़, महिला समेत 5 गिरफ्तार
Shantanu Roy
25 Sept 2026 4:59 PM IST

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1.48 करोड़ कैश जब्त
Mahasamund. महासमुंद। जिले में कथित मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, बाल मजदूरी और नाबालिग के शोषण से जुड़े संगठित सिंडिकेट के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ओडिशा की नुआपाड़ा पुलिस के सहयोग से छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सिंडिकेट से जुड़े 10 ठिकानों पर दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान कुल 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपए नकद के साथ मजदूरों के पलायन से संबंधित रजिस्टर, डायरी, मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मॉर्टगेज स्टांप दस्तावेज और नोट गिनने की मशीन जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक मामले का खुलासा 21 सितंबर 2026 को एक अस्पताल से मिले मेमो के बाद शुरू हुई जांच में हुआ। नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के कथित नेटवर्क की जांच शुरू की। पुलिस का आरोप है कि सिंडिकेट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को एडवांस रकम देकर ऋण के जाल में फंसाता था और इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में मजदूरी के लिए भेजा जाता था। जांच में एक परिवार को 40 हजार रुपए एडवांस देकर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित ईंट भट्ठे में भेजे जाने का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार वहां परिवार से कथित तौर पर लंबे समय तक काम कराया गया और उन्हें स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी। इसी दौरान 15 वर्षीय नाबालिग से भी बाल मजदूरी कराने का आरोप है। पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले एक जेसीबी चालक ने नाबालिग का शारीरिक शोषण किया। मामले में पुलिस संबंधित आरोपों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों के आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर एक साथ सर्च और रेड की कार्रवाई की। इसके लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई थीं। नुआपाड़ा पुलिस ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
पुलिस ने मुकेश चंद्राकर निवासी बेलटुकरी नुआपाड़ा ओडिशा, नसीम बानो उर्फ लता सबर निवासी खरियार रोड नुआपाड़ा, मनीष गुप्ता निवासी पटपरपाली बाम्हनडीह, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू निवासी पिथौरा और पीयूष अग्रवाल निवासी लहरौद पिथौरा को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के ठिकानों से मिले रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों में बड़ी संख्या में मजदूरों को अलग-अलग राज्यों में भेजने से जुड़ी जानकारी मिली है। दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार प्रत्येक कथित तस्कर द्वारा सालाना बड़ी संख्या में मजदूरों को विभिन्न राज्यों के ईंट भट्ठों में भेजे जाने के संबंध में रिकॉर्ड मिले हैं। इन दावों की विस्तृत विवेचना जारी है।
रेड के दौरान पुलिस ने 1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपए नकद जब्त किए। इसके अलावा मजदूर पलायन से जुड़े विभिन्न रजिस्टर और डायरी, अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मॉर्टगेज स्टांप दस्तावेज और नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई है। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है। इसके जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, मजदूरों को भेजे जाने वाले स्थानों और आर्थिक लेनदेन की जानकारी जुटाने की तैयारी है। खल्लारी थाने में अपराध क्रमांक 104/2026 के तहत बीएनएस की धारा 143(2), 143(3), 143(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान संगठित अपराध से संबंधित बीएनएस की धारा 111 भी जोड़ी गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा और सिंडिकेट की अन्य कड़ियों की जांच जारी रहेगी।
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