छत्तीसगढ़

निस्तारी भूमि कैसे बदल गई निजी भूमि में, होगी जांच

Nilmani Pal
18 March 2025 8:27 AM IST
निस्तारी भूमि कैसे बदल गई निजी भूमि में, होगी जांच
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छग
बिलासपुर। गावों में निस्तार के लिए आरक्षित भूमि के निजी भूमि स्वामी हक के रूप में तब्दील किये जाने के मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर अवनीश शरण ने इस संबंध में मिली शिकायत के आधार पर इसे टीएल पंजी में दर्ज कर चारों एसडीएम से घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में राज्य सरकार के प्राथमिकता वाली योजनाओं और लंबित महत्वपूर्ण मामलों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

सिम्स के डीन जांच कर दो दिन में देंगे रिपोर्ट

कलेक्टर ने बैठक में समीक्षा करते हुए सिम्स में कविता की जगह गिरिजा को एबार्शन का इंजेक्शन लगाने की जांच रिपोर्ट भी तलब किया है। उन्होंने सिम्स के डीन को पत्र लिखकर दो दिन में रिपोर्ट मंगाई है। सीपत में 5 साल पहले बने 100 बेड अस्पताल के बिना इस्तेमाल के खण्डहर में तब्दील होने के मामले में तथ्यों की जांच के लिए 5 अधिकारियों की टीम भी गठित की है। टीम 10 दिनों में मामले की जांच कर प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को सौंपेगी। बिना सूचना के टीएल बैठक से नदारद रहने पर डिप्टी कलेक्टर अरूण खलखों को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने पण्डित सुन्दरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी परिसर में 4.6 करोड़ रूपये से बने हास्टल के संबंध में रिपोर्ट मंगाई है। जबकि ओपन यूनिवर्सिटी होने के कारण छात्रों के ठहरने के लिए हास्टल निर्माण की कोई जरूरत ही नहीं थी। तीन साल से पहले यह भवन तैयार हुआ है। इनमें दरारें आ जाने के कारण यह खण्डहर में तब्दील होते जा रहा है। गृह निर्माण मण्डल के कार्यपालन अभियंता से दो दिवस में इसकी रिपोर्ट चाही गई है।

निस्तारी भूमि कैसे बदल गई निजी भूमि में, होगी जांच

कलेक्टर के निर्देश पर कोटा राजस्व अनुविभागीय अधिकारी ने निस्तार भूमि के संबंध में जांच शुरू कर दी है। कोटा तहसील में 507 में से 163 व्यक्तियों को नोटिस जारी किया गया है। बेलगहना में 1545 में से 862 तथा रतनपुर में 210 में से 196 का प्रकरण दर्ज कर संबंधितों को नोटिस जारी किया जा रहा है। निस्तार पत्रक से पृथक होकर निजी भूमि स्वामी के रूप में दर्ज पक्षकारों से जानकारी लिया जायेगा कि निस्तार पत्रक में दर्ज भूमि, भूमिस्वामी हक में किस आदेश के तहत दर्ज किया गया है। इसी तरह की कार्रवाई तखतपुर, मस्तुरी एवं बिल्हा के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि निस्तार भूमि के अंतर्गत गांवों में चारागाह, घास भूमि, कब्रस्तान, श्मशान भूमि, गोठान, खलिहान, बाजार, खाद के गड्ढे, धरसा, तालाब आदि की भूमि शामिल हैं। ये गांव की सामूहिक उपयोग की भूमि होते हैं। किसी निजी व्यक्ति के भूमि स्वामी हक में इसे दर्ज नहीं किया जा सकता है।

कृषि विभाग के 4 एसएडीओ को नोटिस

कलेक्टर ने बैठक में एग्रीस्टेक योजना के तहत किसान पंजीयन की प्रगति की भी समीक्षा की। पंजीयन कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं आने पर नाराजगी जाहिर की। कृषि विभाग के अधिकारी इसे राजस्व विभाग का काम समझकर इसके प्रति उपेक्षा भाव रखे हुए हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी चारों विकासखण्ड के एसएडीओ को शो कॉज नोटिस जारी किए। उन्होंने प्रति आरएईओ प्रति दिन 100 का लक्ष्य पूर्ण करने और 25 मार्च तक जिले का सम्पूर्ण लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। जिन एसएडीओ को नोटिस जारी किया गया है, उनमें बिल्हा एसएडीओ आरएस गौतम, तखतपुर एसएडीओ एके सत्यपाल, मस्तुरी एसएडीओ एके आहिरे एवं कोटा एसएडीओ रामावतार साहू शामिल हैं। तीन दिन में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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