छत्तीसगढ़

हाउसिंग बोर्ड का कारनामा, गरीबों का मकान भी ऑफर में

Nilmani Pal
29 May 2025 12:00 PM IST
हाउसिंग बोर्ड का कारनामा, गरीबों का मकान भी ऑफर में
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तीन अधिकारियों ने मिलकर हाउसिंग बोर्ड की लुटिया डूबो दी, करोड़ों के प्रोजेक्ट कबाड़

केंद्र की मोदी सरकार-राज्य सरकार हर गरीब को मकान योजना लेकिन भ्रष्ट अधिाकरी योजना को डूबो रहे

घटिया और स्तरहीन निर्माण के खुलासे के बाद हाउसिंग बोर्ड की संपत्ति कबाड़ में तब्दील

हजार करोड़ के घोटाले का फाइल को गायब करने कांग्रेसी अधिकारी ने रचा षड्यंत्र

नि न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए बने मकानों की डिमांड बढऩे से उसे आफर में नियम विरूद्ध डाला गया

जबकि राज्य और केंद्र सरकार की नीति है कि गरीबों को हर हाल में मकान मिले

गरीबों के घर के सपने और सरकार की नीति को अधिकारियों ने मजाक बनाया

हाउसिंग बोर्ड के वर्षों से भ्रष्ट कांग्रेसी मानसिकता से ग्रस्त कुछ अधिकारी नित नए नियम बदलाव कर वर्तमान सरकार को बदनाम करने की साजिश

रायपुर (जसेरि)। हाउसिंग बोर्ड के भ्रष्ट अधिकारियों के कारण गरीबों के लिए बनाए गए एलआईजी और ईडब्ल्यूएस जैसे मकान को भी जिसकी ज्यादा डिमांड होती है और गरीब की चाहत होती कि उसका एक मकान बने और सरकार की नीति के अनुसार गरीबों को हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से सस्ते में मकान उपलब्ध कराए। लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की चलती है। उच्च स्तरीय मकान गलत-गलत ढंग से बनाए जाने कारण और घटिया सामान प्रयोग करने के कारण हाउसिंग बोर्ड की अपनी लापरवाही के कारण मकान बिकते नहीं है। नि न और मध्य़म आय वर्ग गरीबों में मकान की डिमांड एलआईजी और ईडब्ल्यूएस की हमेशा बनी रहती है। हाउसिंग बोर्ड द्वारा गलत तरीके से गरीबों और नि न वेतन श्रेणी के लोगों के लिए बनाए जाने वाले मकानों को ऑफर से बेचे जा रहे हैं। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुसार फायदा कमाना उद्देश्य नहीं हैं। हाउसिंग बोर्ड का कम कीमत पर जनता को मकान दिलवाना उद्देश्य हैं। दुकानें भी 15000/- स्क्वेयर फीट कीमत पर बेची जा रही हैं जो कि प्राइवेट बिल्डरों से भी अधिक कीमत की हैं । गरीबों के लिए बने ईडब्ल्यूएस और एलआईजी ऑफऱ में डालकर बेचा जा रहा है और यह बेचने वाले भ्रष्टाचारी अधिकारी अभी पूरे तरीक़े से हाउसिंग बोर्ड में क़ाबिज़ है जिन्होंने हज़ार करोड़ से भी ज़्यादा का घोटाला तालपुरी भिलाई अभिलाषा परिसर बिलासपुर और हिमालयन हाइट्स डूमरतराई में किया एमडी पनरियॉ, हर्ष कुमार जोशी, एच के वर्मा तीनों अधिकारी ने भूपेश के साथ मिलकर सभी फाइलों को ग़ायब किया है । आम चर्चा है कि अक़बर और भूपेश के साथ मिलकर विभिन्न योजनाओं में भूमि खरीदी बिक्री में 1300 करोड़ों से ज्यादा का घपला किया उसके पूर्व का घपले को दबाने के लिए नया घपला भूपेश ने इनसे करवाया। इसी प्रकार की चर्चा पूरे हाउसिंग बोर्ड में पुराने कर्मचारी और ईमानदार कर्मचारी करते हैं।

जनता से रिश्ता अखबार जिसकी शिकायत लोक आयोग दर्ज कराई है लोक आयोग में जाँच हेतु पिटिशन भी दायर की गई है लोक आयोग ने स्पष्ट रूप से सबके बयान लेने के उपरांत कमिश्नर हाउसिंग बोर्ड को व्यक्तिगत समन देकर उपस्थित होने को कहा है लेकिन अभी तक पाँच साल गुजऱ गए लोक आयोग में अभी तक गृह निर्माण मंडल का कोई भी कमिश्नर उपस्थित होकर फ़ाइल की जानकारी तथा जाँच की जानकारी नहीं दिया था जिसकी वजह से ये तीनों अधिकारी जेल जाने से बचे है और हज़ार करोड़ से भी ज़्यादा का घोटाला अभी तक दबा हुआ स पूर्ण दस्तावेजों व संपूर्ण ख़बरें हम लगातार 5 साल से कांग्रेस शासन में छापते रहे हैं लेकिन कहते हैं कि भ्रष्ट अधिकारियों ने भूपेश से मिलकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई इन भ्रष्ट अधिकारियों पर नहीं होने दी। पूर्व कमिश्नर और पुलक भट्टाचार्य मामले को गंभीरता से नहीं लेकर भ्रष्ट अधिकारियों को ही जाँच अधिकारी बना दिया जो भ्रष्टाचार में लिप्त है। जबकि जांच के लिए कोई अलग अधिकारी नियुक्त करना था। जिन्होंने भ्रष्टाचार किया उन्हीं की टीम में से जाँच करने के लिए जाँच समिति में शामिल किया था। जनता से रिश्ता अखबार ने वर्तमान कमिश्नर से फोन पर संपूर्ण जानकारी प्रदान की है और उपरोक्त प्रकरण को संज्ञान लेकर लोक आयोग जांच में स िमलित सभी दस्तावेज गृह निर्माण मंडल जांच अधिकारी की रिपोर्ट जो अगर उपलब्ध है पेश किया जाना चाहिए अगर बाजवा जांच अधिकारी द्वारा जो जांच की गई थी वह जांच रिपोर्ट अगर गह निर्माण मंडल में नहीं है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ और चोरी करने वाले चपरासी और साथ में जाने वाले अधिकारी के खिलाफ और भ्रष्टाचार में जो अधिकारी स िमलित है उन सबके खिलाफ वर्तमान कमिश्नर दें एफआईआर दर्ज करानी चाहिए कानून सबके लिए एक है और सभी विभाग के लिए भी कानून लागू है। जनता और सरकार के करोड़ों रूपए डकारने वाले अधिकारियों को नियम रूप से सजा मिलनी चाहिए।

सरकार का करोड़ रुपए का नुकसान

निर्धारित और तय सीमा में हाउसिंग बोर्ड अपने प्रोजेक्ट को नहीं पूरा किया और गलत जगह का चयन करअधिकांश प्रोजेक्ट आपाधापी में ग्रस्त भ्रष्ट अधिकारियों ने मिली भगत कर प्रकरण बनाकर जनता और सरकार का करोड़ रुपए का नुकसान कर दिया।

गरीबों के मकान अमीरों को

छत्तीसगढ़ सरकार की आवास नीति और भारत सरकार की हर गरीब को मकान के अंतर्गत एल आई जी और ईडब्ल्यूएस गरीब लोग को आसानी से मिलना चाहिए लेकिन ऑफर में डालने के कारण मनमाने ढंग से ऑनलाइन बड़े लोग भी ऑफर का लाभ लेने आवेदन डालकर उपरोक्त गरीबों के मकान खरीद रहे हैं।

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