छत्तीसगढ़

स्कूलों में हिजाब छोटी, विभाजनकारी सोचः बृजमोहन अग्रवाल

jantaserishta.com
10 Feb 2022 10:57 PM IST
स्कूलों में हिजाब छोटी, विभाजनकारी सोचः बृजमोहन अग्रवाल
x

रायपुर: भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि धर्म आधारित शिक्षा की बात करना कांग्रेस की छोटी सोच को प्रदर्शित करता है। सभी स्कूलों में ड्रेस कोड का निर्धारण इसलिए किया जाता है ताकि सभी छात्र-छात्राओं में एकजुटता, समानता, अनुशासन, देश भक्ति की भावना विकसित हो सके। संपूर्ण विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में इन्हीं सब भावनाओं को ध्यान में रखकर ड्रेस कोड की व्यवस्था की जाती है।

बृजमोहन
अग्रवाल आज माँ बमलेश्वरी देवी नीचे मंदिर परिसर डोगरगढ़ में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमको कांग्रेस की सोच पर तरस आता है। स्कूलों में ड्रेस कोड इसलिए लागू किया जाता है, ताकि बच्चों में एकरूपता की भावना आए, कोई छोटा बड़ा न दिखे,कोई अमीर गरीब नहीं दिखे , सब बच्चे एक समान लगें। बच्चों में संस्कार एवं भारतीय संस्कृति की भावना विकसित हो। प्रियंका गांधी के ट्वीट के बाद तो लगता है कि कांग्रेस की सोच ही छोटी हो गई है। ठीक है कि सार्वजनिक स्थान पर कोई कुछ भी पहने उसके लिए कोई रोक नहीं है परंतु हमारे स्कूल संस्कार के केन्द्र हैं, वो देशभक्ति के केन्द्र हैं, वो बच्चों में अनुशासन लाने के केन्द्र हैं। वहाँ धर्म आधारित पहनावे की बात करना छात्र-छात्राओं के नैतिक आचरण के प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की इतनी छोटी सोच देश के लिए दुर्भाग्यजनक है। स्कूलों में भारतीय संस्कृति व जीवन दर्शन- गीता रामायण की शिक्षा की बात करने पर स्कूलों में हिजाब की पैरवी करने वाले तिलमिला क्यों उठते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह बात आगे बढ़ती है, तो प्रदेश में भी इस पर कानून बनाने की जरूरत होगी।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story