छत्तीसगढ़

रक्षाबंधन पर भाई के रूप में सामने आई हाईवे पेट्रोलिंग टीम, महिला की बचाई जान

Shantanu Roy
28 Aug 2026 2:52 PM IST
रक्षाबंधन पर भाई के रूप में सामने आई हाईवे पेट्रोलिंग टीम, महिला की बचाई जान
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Durg. दुर्ग। रक्षाबंधन के अवसर पर दुर्ग यातायात पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए खारून नदी के पास आत्मघाती कदम उठाने पहुंची 45 वर्षीय महिला की जान बचा ली। सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम के जवान मौके पर पहुंचे और महिला से शांतिपूर्वक बातचीत कर उसे समझाया। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और मानवीय रवैये से एक संभावित अप्रिय घटना को समय रहते टाल दिया गया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देश पर यातायात पुलिस द्वारा प्रमुख मार्गों और हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी क्रम में 28 अगस्त 2026 को हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली कि रायपुर के कबीर नगर निवासी 45 वर्षीय महिला किसी कारणवश खारून नदी के पास आत्महत्या की मंशा से पहुंची है। सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक शिशुपाल तत्काल मौके पर पहुंचे। वहीं, पॉइंट ड्यूटी पर तैनात आरक्षक कन्हैया सोनकर और इमामुद्दीन भी वहां पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने महिला को किसी तरह का दबाव दिए बिना धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उससे बातचीत शुरू की।
पुलिसकर्मियों ने महिला को समझाते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, आत्मघाती कदम किसी समस्या का समाधान नहीं है। जवानों ने पुलिसकर्मी के रूप में औपचारिक तरीके से समझाने के बजाय भाई जैसा अपनत्व दिखाते हुए महिला से बातचीत की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद महिला पुलिसकर्मियों की बात मानने के लिए तैयार हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसके पति को घटना की जानकारी देकर मौके पर बुलाया। पति के पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें भी आवश्यक समझाइश दी। इसके पश्चात महिला को सुरक्षित रूप से उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया।
रक्षाबंधन पर पुलिस ने निभाया भाई का फर्ज
रक्षाबंधन के दिन जब भाई अपनी बहनों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाली का संकल्प लेते हैं, उसी दिन दुर्ग यातायात पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने भी एक महिला की जिंदगी बचाकर भाई जैसा फर्ज निभाया। पुलिसकर्मियों की समय पर कार्रवाई, धैर्य और संवेदनशीलता के कारण एक संभावित दुखद घटना को टाला जा सका। इस पूरे घटनाक्रम में आरक्षक शिशुपाल, कन्हैया सोनकर और इमामुद्दीन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी जल्दबाजी के महिला से संवाद स्थापित किया और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
दुर्ग यातायात पुलिस का कहना है कि सड़क और हाईवे की सुरक्षा के साथ-साथ हर जीवन की सुरक्षा भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। हाईवे पेट्रोलिंग टीम द्वारा लगातार प्रमुख मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। रक्षाबंधन के दिन पुलिस टीम की इस मानवीय पहल ने यह संदेश भी दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़ी रहने वाली संवेदनशील व्यवस्था भी है। समय पर मिली सूचना और पुलिसकर्मियों की तत्परता से महिला को सुरक्षित बचाया गया और उसे उसके परिवार के पास पहुंचाया गया।
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