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मार्च में सबसे ज्यादा जुर्माना
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाए जाने वाले जुर्माने से जुड़ा बड़ा आंकड़ा सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच आठ महीनों में रायपुर के वाहन चालकों से ट्रैफिक चालान के रूप में कुल 8 करोड़ 94 लाख 32 हजार 350 रुपए की वसूली की गई है। यह रकम करीब 9 करोड़ रुपए के बराबर है। यह जानकारी जागरूक नागरिक कुणाल शुक्ला द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए विवरण के जवाब में सामने आई है। सहायक आयुक्त यातायात कमलजीत पटले ने 19 अक्टूबर को लिखित रूप में महीनेवार वसूली का ब्यौरा उपलब्ध कराया। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में सबसे अधिक 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 500 रुपए की वसूली दर्ज की गई, जबकि जून में सबसे कम 44 लाख 47 हजार 600 रुपए का ट्रैफिक जुर्माना वसूला गया।
आठ महीने में 8.94 करोड़ रुपए की वसूली
सूचना के अधिकार के तहत मिले आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि राजधानी में यातायात चालान के जरिए बड़ी राशि वसूली गई है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच औसतन हर महीने करीब 1 करोड़ 11 लाख 79 हजार रुपए का जुर्माना जमा हुआ। इस अवधि के दौरान पांच महीनों में वसूली का आंकड़ा 95 लाख रुपए से अधिक रहा, जबकि तीन महीनों में यह एक करोड़ रुपए से भी ऊपर पहुंचा। हालांकि, केवल वसूली की राशि से यह निर्धारित नहीं किया जा सकता कि यातायात नियमों का उल्लंघन कितनी बार हुआ। इसके लिए जारी चालानों की संख्या, उल्लंघन के प्रकार और भुगतान की स्थिति की अलग जानकारी आवश्यक होगी।
किस महीने कितना ट्रैफिक चालान वसूला गया?
जनवरी 2026 ₹1,08,41,200
फरवरी 2026 ₹95,36,900
मार्च 2026 ₹1,93,94,500
अप्रैल 2026 ₹1,52,00,500
मई 2026 ₹1,75,42,050
जून 2026 ₹44,47,600
जुलाई 2026 ₹63,77,700
अगस्त 2026 ₹60,91,900
कुल ₹8,94,32,350
स्रोत: सहायक आयुक्त यातायात कमलजीत पटले द्वारा 19 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध कराए गए RTI विवरण के अनुसार। माहवार राशियों का कुल योग मिलान किया गया है।
मार्च में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जुर्माना
RTI से मिले आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 ट्रैफिक जुर्माना वसूली के मामले में सबसे आगे रहा। इस महीने कुल 1 करोड़ 93 लाख 94 हजार 500 रुपए की वसूली हुई। इसके बाद मई में 1 करोड़ 75 लाख 42 हजार 50 रुपए और अप्रैल में 1 करोड़ 52 लाख 500 रुपए का जुर्माना जमा हुआ। इन आंकड़ों से पता चलता है कि साल के शुरुआती पांच महीनों में ट्रैफिक चालान से प्राप्त राशि अपेक्षाकृत अधिक रही।
जून में सबसे कम चालान वसूली
महीनेवार विवरण के अनुसार, जून 2026 में सबसे कम 44 लाख 47 हजार 600 रुपए की वसूली दर्ज की गई। इसके बाद जुलाई में 63 लाख 77 हजार 700 रुपए और अगस्त में 60 लाख 91 हजार 900 रुपए का जुर्माना वसूला गया। मार्च की तुलना में जून में वसूली काफी कम रही। हालांकि, वसूली में इस अंतर का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। इसके पीछे चालान जारी होने की संख्या, जुर्माने की श्रेणी, भुगतान की समयसीमा और अन्य प्रशासनिक कारण हो सकते हैं।
RTI से सामने आया पूरा हिसाब
यह जानकारी रायपुर के जागरूक नागरिक कुणाल शुक्ला द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई थी। इसके जवाब में सहायक आयुक्त यातायात कमलजीत पटले ने 19 अक्टूबर को लिखित विवरण उपलब्ध कराया। RTI के माध्यम से सामने आए इन आंकड़ों से आम नागरिकों को यह जानने का अवसर मिला है कि राजधानी में यातायात चालान के रूप में कितनी राशि वसूली जा रही है। ऐसी जानकारी सार्वजनिक होने से यातायात नियमों के प्रवर्तन और उससे जुड़ी राजस्व वसूली की समीक्षा भी संभव होती है।
ट्रैफिक नियमों के पालन पर लगातार जोर
रायपुर यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों में नशे में वाहन चलाने जैसे गंभीर उल्लंघनों पर कार्रवाई की जाती है। अक्टूबर 2026 में यातायात पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष में 15 अक्टूबर तक नशे में वाहन चलाने के 4,082 प्रकरण दर्ज किए गए थे और 2,597 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके थे। हालांकि, इन मामलों की संख्या को जनवरी से अगस्त के RTI आंकड़ों से सीधे जोड़कर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि दोनों की अवधि और विवरण अलग-अलग हैं।
चालान की रकम के साथ सड़क सुरक्षा भी महत्वपूर्ण
यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है। रेड सिग्नल का उल्लंघन, बिना हेलमेट वाहन चलाना, निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार और नशे में वाहन चलाना जैसी गतिविधियां सड़क सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में मोटर वाहन कानून के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। जुर्माने की अधिक वसूली के साथ यह भी आवश्यक है कि यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बने और वाहन चालकों में नियमों के पालन की जागरूकता बढ़े।
आठ महीने के आंकड़ों ने खींचा ध्यान
राजधानी में जनवरी से अगस्त 2026 के बीच करीब नौ करोड़ रुपए की चालान वसूली का आंकड़ा सामने आने के बाद यातायात नियमों के पालन और जुर्माने की राशि को लेकर चर्चा हो सकती है। महीनेवार विवरण में मार्च सबसे अधिक और जून सबसे कम वसूली वाला महीना रहा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूरे वर्ष 2026 में यातायात चालान की कुल वसूली कितनी होती है और सड़क सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों में क्या परिवर्तन दिखाई देता है। फिलहाल RTI के माध्यम से उपलब्ध यह विवरण राजधानी रायपुर में ट्रैफिक चालान से प्राप्त राशि की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करता है।
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