छत्तीसगढ़

रायपुर बार एसोसिएशन चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Shantanu Roy
8 April 2026 9:56 PM IST
रायपुर बार एसोसिएशन चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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छग
Bilaspur. बिलासपुर। 17 अप्रैल को होने वाले रायपुर बार एसोसिएशन चुनाव पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। यह आदेश पुरुषों को दिए गए 50 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आया है। कोर्ट ने स्थगन आदेश जारी करते हुए चुनाव प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने जिला बार एसोसिएशन के बायलाज में पुरुष आरक्षण की जानकारी मांगी थी। प्रतिवादी चुनाव अधिकारियों ने कोर्ट को यह जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। इसके बाद कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाते हुए स्थगन आदेश जारी किया।
चुनाव में निर्वाचन अधिकारी ने पुरुष वकीलों के लिए कुल पदों का 50 प्रतिशत आरक्षित कर दिया था, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया। रायपुर की महिला अधिवक्ता ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी ने कोर्ट में कहा कि संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश (योगमाया मामला) के अनुसार महिलाओं को न्यायिक संस्थानों में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। हमीदा सिद्दीकी ने कहा कि न्याय के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण है, लेकिन मौजूदा चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं रखा गया और पुरुषों को 50 प्रतिशत आरक्षण दे दिया गया। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि महिलाओं के अधिकारों और संविधान की भावना के अनुसार चुनाव में उचित आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
अधिवक्ता सिद्दीकी ने यह भी कहा कि बार एसोसिएशन जैसे संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आरक्षण आवश्यक है। यदि पुरुषों को बढ़ा-चढ़ाकर आरक्षण दिया जाता है तो महिलाओं की भागीदारी सीमित होगी और न्यायिक संस्थाओं में लिंग संतुलन प्रभावित होगा। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों पर विचार करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई। कोर्ट ने कहा कि यह मामला संवैधानिक दायरे में आता है और उचित न्याय सुनिश्चित होने तक चुनाव स्थगित रहेगा। कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशन को निर्देश दिया कि वे पुरुष आरक्षण के संबंध में पूरी जानकारी प्रस्तुत करें और महिला वकीलों के अधिकारों का ध्यान रखें। इस फैसले के बाद रायपुर बार एसोसिएशन चुनाव में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की तैयारियों पर अस्थायी रोक लग गई है। चुनाव अधिकारी अब कोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय करेंगे।
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