छत्तीसगढ़

चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर सुकमा में हाई अलर्ट

Shantanu Roy
28 Oct 2026 6:17 PM IST
चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर सुकमा में हाई अलर्ट
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Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के संभावित प्रभाव और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। प्राकृतिक आपदा से निपटने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कोंटा क्षेत्र का दौरा कर संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शबरी नदी के जलस्तर, संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों, राहत शिविरों और बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर सेना के बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर और एसपी ने कोंटा क्षेत्र का किया निरीक्षण
चक्रवाती तूफान और संभावित भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कोंटा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने उन इलाकों की स्थिति देखी, जहां भारी बारिश होने पर जलभराव या बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। अधिकारियों ने शबरी नदी के जलस्तर की समीक्षा की और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके अलावा राहत शिविरों के लिए चिह्नित स्थानों का निरीक्षण कर आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियों की जानकारी ली।

सीमावर्ती थानों और चौकियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कोंटा सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के थाना और चौकी प्रभारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचे और जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराए। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही राहत और बचाव कार्यों में पुलिस, प्रशासन तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

NDRF-SDRF और गोताखोरों की टीमें तैयार, बोट और लाइफ जैकेट की व्यवस्था
संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और नगर सेना के गोताखोरों एवं बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों के साथ अलर्ट पर रखा गया है। बचाव कार्यों के लिए बोट, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी गठित की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

मोबाइल नेटवर्क बंद होने पर वायरलेस से होगा संपर्क
प्रशासन ने संभावित भारी बारिश के दौरान संचार व्यवस्था बाधित होने की आशंका को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया है। बिजली आपूर्ति या मोबाइल नेटवर्क प्रभावित होने की स्थिति में वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से राहत-बचाव दलों के बीच संपर्क बनाए रखने की तैयारी की गई है। साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत केंद्रों में आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अफवाहों से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे चक्रवाती तूफान और बारिश को लेकर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। मौसम और आपदा से संबंधित जानकारी के लिए प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। उन्होंने कहा कि तेज हवा और बारिश के दौरान पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर मकानों से दूरी बनाए रखें। नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं। प्रशासन ने बताया कि आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने के लिए पुलिस और बचाव दल 24 घंटे तैयार रहेंगे।
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