
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जमकर बारिश हुई, जिसके चलते कई शहरों के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। राज्य की प्रमुख नदियां शिवनाथ और खारून लगातार बारिश के कारण उफान पर हैं। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
शनिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी, गरियाबंद और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिला है। कई रिहायशी इलाकों और सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी रायपुर के टाटीबंध, प्रोफेसर कॉलोनी, परशुराम नगर और फाफाडीह जैसे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। कई जगह सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और कुछ स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए। जलभराव की समस्या को देखते हुए रायपुर की मेयर मीनल चौबे ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
दुर्ग और भिलाई में भी लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे पर कुम्हारी ओवरब्रिज के आसपास विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वहीं शिवनाथ नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते पानी के कारण महमरा एनीकट भी डूब गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और शेल्टर होम में पहुंचाने की तैयारी की गई है।
बारिश के बीच राहत और बचाव टीमों ने कई सफल रेस्क्यू ऑपरेशन भी किए हैं। रविवार को बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा महासमुंद में एक निर्माण स्थल पर फंसे 14 अन्य मजदूरों का भी रेस्क्यू किया गया। अचानक आई बाढ़ के कारण ये सभी लोग मुश्किल में फंस गए थे। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के पास बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे में मध्य छत्तीसगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
IMD के मुताबिक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा रायपुर, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, सूरजपुर, बलरामपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और राजनांदगांव में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने बताया है कि भारी बारिश का यह दौर 8 जुलाई से धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेगा। हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।





