छत्तीसगढ़

पीडीएस संबंधित मामले में द्वितीय अपील प्रकरण की सुनवाई 15 अक्टूबर को

Shantanu Roy
8 Oct 2025 9:18 PM IST
पीडीएस संबंधित मामले में द्वितीय अपील प्रकरण की सुनवाई 15 अक्टूबर को
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छग
Durg. दुर्ग। दुर्ग संभाग के अपर आयुक्त ने खाद्य नियंत्रक दुर्ग को पत्र जारी कर लंबित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से संबंधित द्वितीय अपील प्रकरणों में पक्षकारों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन प्रकरणों की सुनवाई 15 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजे संभाग आयुक्त कार्यालय, द्वितीय तल, उद्योग भवन, दुर्ग में होगी। न्यायालय ने विशेष रूप से महिला स्व सहायता समूहों और उचित मूल्य दुकानदारों को नोटिस जारी किया है। सभी को निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। किसी पक्षकार की अनुपस्थिति में प्रकरण में एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी। ज्ञात हो कि इस प्रकरण में शामिल पक्षकारों में ग्राम बरभांवन, जिला कबीरधाम की शिव शक्ति महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष डरनिया बाई साहू एवं सचिव केशर बाई साहू, ग्राम सरेखा, जिला कबीरधाम की नारी शक्ति महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष राधाबाई साहू एवं सचिव दीपाबाई साहू शामिल हैं।


इसके अलावा सेक्टर-6 भिलाई दुर्ग के संभागीय भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के अध्यक्ष एन. के. राठी, सुपेला भिलाई की मां यशोदा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष शर्मिला देवी साव, आदर्श नगर छावनी भिलाई दुर्ग निवासी लता प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार मर्यादित की अध्यक्ष प्रमिला यादव, संतोषी पारा कैम्प 2 भिलाई दुर्ग निवासी शासकीय उचित मूल्य दुकानदार एस. चन्द्र दत्तन, शांतिपारा आदर्श नगर छावनी भिलाई निवासी मानव प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार मर्यादित के अध्यक्ष रमेश कुमार, सिद्धार्थ प्राथमिक सहकारी
उपभोक्ता
भंडार मर्यादित की अध्यक्ष संगीता देवी धुरंधर, पुरानी बस्ती कोहका भिलाई निवासी मॉं अंबिका देवी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष, सुपेला भिलाई निवासी मॉं भारती महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष कृष्णा तिवारी और छावनी भिलाई निवासी गीता देवी शामिल हैं। खाद्य नियंत्रक और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनवाई के समय सभी पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करें और आवश्यक अभिलेख तथा दस्तावेजों को न्यायालय में प्रस्तुत करें। यह कदम पीडीएस से संबंधित लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने और सभी पक्षकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है। उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि इस सुनवाई से पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे महिला स्व सहायता समूहों और उचित मूल्य दुकानदारों की समस्याओं का समाधान समय पर होगा और हितग्राहियों को उचित लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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