छत्तीसगढ़

बिलासपुर सिम्स में उपकरण खरीदी मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई

Shantanu Roy
17 Nov 2025 11:22 PM IST
बिलासपुर सिम्स में उपकरण खरीदी मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई
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छग
Bilaspur. बिलासपुर। सिम्स में चिकित्सा उपकरण खरीदी के मामले में आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीजीएमएससी की ओर से अदालत को बताया गया कि सिम्स के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य के उपकरणों की खरीद हेतु टेंडर प्रक्रिया जारी है। चयनित कंपनी के माध्यम से आवश्यक मशीनों की खरीदी की जाएगी और जरूरत अनुसार अन्य सरकारी अस्पतालों में भी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करें और रिपोर्ट दाखिल करें। अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि चिकित्सा उपकरण जल्द से जल्द खरीदे जाएं ताकि मरीजों को लाभ मिले। सभी संबंधित विभाग मिलकर धनराशि जारी करने और उच्च तकनीक वाले उपकरणों की खरीद में तेजी लाएं।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सिम्स के डीन, स्वास्थ्य विभाग के सचिव और सीजीएमएससी के प्रबंध निदेशक द्वारा प्रस्तुत अलग-अलग हलफनामों की समीक्षा की। कोर्ट ने कहा कि सिम्स इस क्षेत्र का एकमात्र शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल है, जहां दूर-दराज के मरीज इलाज के लिए आते हैं। पुराने उपकरणों से जांच करने पर परिणाम प्रभावित हो सकते हैं और इसका असर आम मरीजों के इलाज पर पड़ सकता है। सिम्स प्रबंधन ने पिछली सुनवाई में बताया था कि चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने और जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए शासन को 15 करोड़ रुपए के दो प्रस्ताव भेजे गए थे। इसके बाद शासन ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन चार माह बीतने के बाद भी उपकरण खरीदी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।

स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट को बताया कि 17 दिसंबर, 2024 को 4.99 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई और यह राशि 28 फरवरी, 2025 को उपकरण खरीदी के लिए सीजीएमएससी को हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री जन स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण कोष के तहत 9.81 करोड़ रुपये मूल्य के उपकरणों की एक अलग सूची भी राज्य नोडल एजेंसी को अनुमोदन के लिए भेजी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब बजट जारी किया गया है, तो मशीनों को लगाने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा और जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता बनाए रखना आवश्यक है। सिम्स प्रबंधन से कहा गया कि उपकरण खरीद प्रक्रिया में तेजी लाए और मरीजों की देखभाल प्रभावित न होने पाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग मिलकर उच्च तकनीक वाले उपकरणों की खरीद में सहयोग करें और समय पर मशीनों को अस्पताल में स्थापित किया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को होगी, जब विभागों को प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट पेश करनी होगी।
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