छत्तीसगढ़
सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति
Shantanu Roy
27 March 2026 7:28 PM IST

x
छग
Raipur/New Delhi. रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय जननेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के समन्वय से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। बृजमोहन द्वारा संसद में उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर में यह तथ्य सामने आया है कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत छत्तीसगढ़ में अब 352 जन औषधि केंद्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जिनमें अकेले रायपुर जिले में 42 केंद्र जनता की सेवा में समर्पित हैं।
सस्ती और गुणवत्तापूर्ण आयुष दवाओं पर विशेष ध्यान
बृजमोहन अग्रवाल ने सदन में आयुष (आयुर्वेद) दवाओं की उपलब्धता और उनके मानकीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके परिणामस्वरूप, सरकार ने स्पष्ट किया है कि च्यवनप्राश, त्रिफला, शिलाजीत और अश्वगंधा जैसे महत्वपूर्ण आयुष उत्पाद अब जन औषधि केंद्रों पर बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सांसद की पहल पर, इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाइयां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक सस्ती हैं, जिससे आम नागरिक की जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी कम हुआ है।
छत्तीसगढ़ के वन-संपदा और जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान
सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे वन-समृद्ध और जनजातीय बहुल राज्यों में दवाओं की क्षेत्रीय असमानता को दूर करने की मांग की थी। उनके प्रयासों के फलस्वरूप, राज्य में एक मजबूत आईटी-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला स्थापित की गई है, जिसमें पांच बड़े मालगोदाम और 41 वितरक शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जीवनरक्षक दवाओं की कमी न हो।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: 'जीरो टॉलरेंस' नीति
संसद में श्री अग्रवाल द्वारा उठाए गए गुणवत्ता संबंधी चिंताओं पर सरकार ने आश्वस्त किया है कि जन औषधि केंद्रों पर बिकने वाली प्रत्येक दवा का 100% परीक्षण एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में किया जाता है। केवल 'डब्ल्यूएचओ-जीएमपी' (WHO-GMP) प्रमाणित इकाइयों से ही दवाओं की खरीद की जा रही है, जिससे मरीजों को विश्वस्तरीय गुणवत्ता की दवाइयां मिलना सुनिश्चित हुआ है।
आम जनता को 40,000 करोड़ की बचत
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सस्ती दवा, अच्छी दवा' का संकल्प आज छत्तीसगढ़ के हर घर तक पहुँच रहा है। देशभर में इस योजना से नागरिकों को लगभग 40,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जिसका एक बड़ा हिस्सा हमारे छत्तीसगढ़ के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के खातों में बचा है।" उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में वे प्रदेश में जन औषधि केंद्रों की संख्या और बढ़ाने तथा आयुष दवाओं की सूची को और विस्तृत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
Tagsसांसद बृजमोहन अग्रवालछत्तीसगढ़स्वास्थ्य क्रांतिजन औषधि केंद्र352 केंद्ररायपुर42 केंद्रसस्ती दवाइयां80% बचतजेनेरिक दवाएंआयुष दवाएंजनजातीय क्षेत्रग्रामीण स्वास्थ्यगुणवत्ता मानकआयुष बास्केटस्वास्थ्य सुविधादवा वितरणआर्थिक राहतलोक स्वास्थ्यसंसदीय पहलप्रदेश सरकारमरीज सुविधादवा खर्च बचतस्वास्थ्य सुधारआदिवासी स्वास्थ्यसार्वजनिक स्वास्थ्यदवा पहुंचसस्ती इलाजप्रदेश योजनास्वास्थ्य मॉडलMP Brijmohan AgrawalChhattisgarhHealth RevolutionJan Aushadhi Kendra352 CentersRaipur42 CentersAffordable Medicines80% SavingsGeneric MedicinesAYUSH MedicinesTribal AreasRural HealthQuality StandardsAYUSH BasketHealth FacilityMedicine DistributionFinancial ReliefPublic HealthParliamentary InitiativeState GovernmentPatient FacilityMedicine Cost SavingsHealth ReformsTribal HealthMedicine AccessAffordable TreatmentState SchemeHealth Model
Next Story





