छत्तीसगढ़

छठ पूजा पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिया आशीर्वाद

Shantanu Roy
27 Oct 2025 6:17 PM IST
छठ पूजा पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिया आशीर्वाद
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Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur. मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ में लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस पावन अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को चिरमिरी के डोमनहिल घाट पहुंचकर संध्या अर्घ्य के पूजन में हिस्सा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। मंत्री जायसवाल ने कहा कि “छठ मइया सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखें, यही मेरी मंगलकामना है।”
डोमनहिल स्थित घाट पर शाम के समय हजारों श्रद्धालु जुटे थे। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर डलिया और सुपली में फल, प्रसाद, नारियल और ठेकुआ लिए घाट की ओर बढ़ रहीं थीं। पूरा वातावरण ‘जय छठी मइया’ और ‘छठ मइया की जय’ के जयकारों से गूंज रहा था। इस दौरान मंत्री जायसवाल ने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनके साथ कुछ समय तक पूजन स्थल पर रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस मौके पर कहा कि छठ पर्व सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को अनुशासन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हमारी संस्कृति की पवित्रता और जीवन में सूर्यदेव की अहम भूमिका को दर्शाता है। सूर्य की उपासना से ऊर्जा, स्वास्थ्य और सकारात्मकता का संचार होता है।
चिरमिरी नगर निगम प्रशासन और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों पर सुरक्षा, प्रकाश और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की थी। नगर पालिका कर्मियों ने दिनभर सफाई अभियान चलाया, वहीं पुलिस बल की तैनाती से श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिला। महिला पुलिस कर्मियों ने भी घाट पर सक्रिय रहकर व्यवस्था संभाली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस वर्ष घाट पर पहले से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री के आगमन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंत्री जायसवाल ने इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों को छठ पर्व के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। छठ पर्व चार दिनों तक चलने वाला लोकपर्व है, जिसमें नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य की परंपराएं निभाई जाती हैं। सोमवार को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होगा।
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