छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दिया संदेश- करें योग, रहें निरोग

Shantanu Roy
13 Aug 2025 12:23 AM IST
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने दिया संदेश- करें योग, रहें निरोग
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छग
Raipur. रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि “करें योग, रहें निरोग” केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का मंत्र है। उन्होंने यह विचार रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में आयोजित चार दिवसीय आवासीय योग, यज्ञ प्रशिक्षण एवं कार्यशाला के समापन अवसर पर व्यक्त किए। यह कार्यक्रम योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी के शिष्य स्वामी परमार्थदेव जी के सानिध्य में एवं अग्रवाल सभा रायपुर के तत्वावधान में संपन्न हुआ। मंत्री जायसवाल ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव, असंतुलित दिनचर्या और अस्वस्थ खान-पान के कारण शारीरिक और मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं। योग इन समस्याओं से बचने का एक सहज, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे योग को केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।


चार दिवसीय इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान और यज्ञ की विधियों का अभ्यास कराया गया। स्वामी परमार्थदेव जी ने योग के सिद्धांत, उसके स्वास्थ्य लाभ और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के तरीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि योग केवल
शारीरिक
व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिसमें तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और आत्म-अनुशासन के महत्व पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर लचीला और मजबूत बनता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता भी बढ़ती है।

मंत्री जायसवाल ने आयोजकों और प्रशिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भी योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई पहल कर रही है और इसे स्कूलों, कॉलेजों व सरकारी संस्थानों में प्रोत्साहित किया जा रहा है। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। कार्यक्रम में रायपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में इस तरह के और भी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग योग से जुड़कर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि सामूहिक और सामाजिक कल्याण का माध्यम भी है। जब समाज के लोग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होंगे, तभी एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।
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