छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य मंत्री ने दंत चिकित्सा महाविद्यालय में स्वशासी समिति की बैठक ली

Shantanu Roy
23 May 2025 3:01 PM IST
स्वास्थ्य मंत्री ने दंत चिकित्सा महाविद्यालय में स्वशासी समिति की बैठक ली
x
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित दंत चिकित्सा महाविद्यालय में आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में स्वशासी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, अधोसंरचना विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक चर्चा की गई। बैठक में स्वशासी समिति के सदस्य, महाविद्यालय के प्राचार्य, वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में
मंत्री जायसवाल
ने महाविद्यालय की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति और स्वास्थ्य सेवा के स्तर की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हम दंत चिकित्सा शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाने के लिए सतत प्रयासरत हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित संस्थान हमारी प्राथमिकता है।”
शैक्षणिक गुणवत्ता और अधोसंरचना पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में जोर देकर कहा कि दंत चिकित्सा महाविद्यालय में अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने, आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना और डिजिटल शिक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही उन्होंने अधोसंरचना के क्षेत्र में लंबित कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन सुविधाएं समय सीमा में पूरी की जाएं ताकि छात्रों और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस पहल
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दंत चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। अधिक संख्या में ओपीडी सेवाओं, सर्जिकल उपचारों और दंत स्वच्छता शिविरों का आयोजन कर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और तकनीकी उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों की संतुष्टि हमारी सेवा का केंद्र बिंदु होना चाहिए।
भावी योजनाएं और रणनीति
बैठक में स्वशासी समिति ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया, जिनमें नई पाठ्यक्रम संरचना लागू करने, फैकल्टी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने, और राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन शामिल है। मंत्री जायसवाल ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र में संस्थान को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। बैठक के समापन पर मंत्री जायसवाल ने समिति के सभी सदस्यों और महाविद्यालय प्रशासन का आभार जताया और कहा कि सभी विभागों को
आपसी समन्वय
के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि संस्थान और बेहतर दिशा में कार्य कर सके। इस बैठक को चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल संस्थान के शैक्षणिक और सेवा क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी सुनिश्चित करेगा।
Next Story