छत्तीसगढ़

ढाबा संचालक से मारपीट की शिकायत पर प्रधान आरक्षक निलंबित, आरक्षक लाइन अटैच

Shantanu Roy
25 Sept 2026 1:32 PM IST
ढाबा संचालक से मारपीट की शिकायत पर प्रधान आरक्षक निलंबित, आरक्षक लाइन अटैच
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Raigarh. रायगढ़। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में ढाबा संचालक से कथित मारपीट और अशोभनीय आचरण की शिकायत सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। शिकायत के प्रथम दृष्टया परीक्षण के बाद प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं आरक्षक विजय राठिया को रक्षित केंद्र पुलिस लाइन अटैच किया गया है। मामले की प्राथमिक जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी को सौंपी गई है।
मामला थाना धरमजयगढ़ अंतर्गत संचालित बिहारी ढाबा से जुड़ा है। ढाबा संचालक मोंटू गुप्ता ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अशोभनीय आचरण करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत मिलने के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इसकी प्रारंभिक जानकारी ली। जानकारी के मुताबिक, 24 सितंबर 2026 को मोंटू गुप्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को लिखित आवेदन सौंपकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की। आवेदन में मोंटू गुप्ता ने बताया कि 23 सितंबर की रात थाना धरमजयगढ़ में पदस्थ प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी एवं अन्य पुलिस स्टाफ उनके ढाबे पर पहुंचे थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, ढाबे पर पुलिसकर्मियों के साथ विवाद की स्थिति बनी और इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। ढाबा संचालक ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार और घटनाक्रम की जानकारी शिकायत के माध्यम से एसएसपी को दी। शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। इसके साथ ही शिकायतकर्ता मोंटू गुप्ता का पक्ष भी सुना गया। प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के आचरण और कर्तव्य निर्वहन की समीक्षा की गई। शिकायत के प्रथम दृष्टया परीक्षण में प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी की ओर से कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतना प्रथम दृष्टया पाया गया। इसके बाद एसएसपी ने प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
वहीं आरक्षक विजय राठिया द्वारा ढाबा संचालक के साथ अशोभनीय आचरण किए जाने का मामला प्रथम दृष्टया सामने आने पर उसे तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई फिलहाल शिकायत के प्रारंभिक परीक्षण के आधार पर की गई है। मामले के सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के लिए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी को जिम्मेदारी सौंपी है। एसडीओपी को मामले की प्राथमिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के आरोपों, संबंधित पुलिसकर्मियों के पक्ष और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों एवं साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। प्राथमिक जांच की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद उसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रधान आरक्षक को निलंबित और आरक्षक को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। मामले में अंतिम स्थिति प्राथमिक जांच पूरी होने और जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
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