छत्तीसगढ़
स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही, निमोनिया से पीड़ित युवक की मौत
Shantanu Roy
8 Feb 2026 10:15 PM IST

x
छग
Gariaband. गरियाबंद। जिला मुख्यालय स्थित स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है। जिले के निजी सोमेश्वर अस्पताल में उपचार के दौरान 35 वर्षीय बसंत देवांगन की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर जानबूझकर लापरवाही और रेफर करने में देरी करने के आरोप लगाए हैं। घटना के अनुसार, बसंत देवांगन शनिवार रात करीब 8 बजे सांस लेने में तकलीफ के कारण सोमेश्वर अस्पताल में भर्ती हुए। परिजन पीतेश्वर देवांगन ने बताया कि भर्ती के 12 घंटे बाद उन्हें जानकारी दी गई कि मरीज को निमोनिया है और पसली की एक हड्डी भी टूटी हुई है। परिजन गंभीर स्थिति के कारण बसंत को रायपुर के बड़े अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में रेफर करने से इनकार किया और ले जाने से रोकने का प्रयास किया।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने जानबूझकर रेफर में देरी की। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी, तब एंबुलेंस उपलब्ध कराने में भी टालमटोल किया गया। पहले चालक न होने का हवाला दिया गया और अंततः परिजन खुद एंबुलेंस चलाने को तैयार हुए। दोपहर 3–4 बजे के बीच एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई, लेकिन इसमें पैरामेडिकल स्टाफ नहीं था और ऑक्सीजन सिलेंडर का बैकअप भी खराब था। गरियाबंद से करीब 5 किलोमीटर आगे पांडुका क्षेत्र में बसंत की स्थिति अचानक और गंभीर हो गई। पास के निजी अस्पताल में ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहां पता चला कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आक्रोशित परिजन शव लेकर वापस सोमेश्वर अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस से शव ले जाने से इनकार कर दिया और 108 एंबुलेंस बुलाने का सुझाव दिया। इससे परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे। उन्होंने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाया। अंततः शव को एंबुलेंस से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर रेफर किया गया होता और एंबुलेंस में पर्याप्त ऑक्सीजन और मेडिकल स्टाफ मौजूद होता, तो बसंत की जान बच सकती थी।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया है। संचालक कोमल सिन्हा का कहना है कि मरीज का इलाज ठीक तरह से चल रहा था और परिजन अपनी मर्जी से बाहर ले जाना चाहते थे। उन्होंने बताया कि ड्राइवर उपलब्ध नहीं था और परिजन खुद एंबुलेंस चलाने को राजी हुए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि परिजनों को पहले ही बताया गया था कि ऑक्सीजन सिलेंडर कम है और यदि दूर ले जाना हो तो रास्ते में सिलेंडर बदल लेना चाहिए, लेकिन परिजन उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए। यह घटना गरियाबंद जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में किसी जांच के आदेश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह घटना आम जनता में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा रही है। स्थानीय नागरिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब निजी अस्पतालों की निगरानी और आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की मांग कर रहे हैं। मृतक के परिजन भी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
Tagsगरियाबंदनिजी अस्पतालसोमेश्वर अस्पतालस्वास्थ्य व्यवस्थानिमोनियाबसंत देवांगनमौतपरिजन आक्रोशरेफर में देरीएंबुलेंसऑक्सीजन सिलेंडरपैरामेडिकल स्टाफचिकित्सा लापरवाहीसड़क प्रदर्शनपुलिस नियंत्रणस्वास्थ्य सेवाओं की बदहालीबिलासपुर समाचारस्वास्थ्य संकटअस्पताल प्रबंधनकानूनी कार्रवाईमृतक परिजनआपातकालीन चिकित्साप्रशासन जांचजिला मुख्यालयनिजी अस्पताल विवादस्वास्थ्य निगरानीचिकित्सकीय लापरवाहीस्वास्थ्य सुरक्षारोगी मृत्युअस्पताल विवादस्थानीय लोगविरोध प्रदर्शनजिला प्रशासनचिकित्सा आपदास्वास्थ्य नीतिअस्पताल की जवाबदेहीमरीज सुरक्षाआपातकालीन व्यवस्थाअस्पताल कार्यप्रणालीGariabandprivate hospitalSomeshwar Hospitalhealth systempneumoniaBasant Dewangandeathfamily angerdelay in referralambulanceoxygen cylinderparamedical staffmedical negligenceroad protestpolice controlpoor health servicesBilaspur newshealth crisishospital managementlegal actiondeceased familyemergency medicaladministration investigationdistrict headquartersprivate hospital disputehealth monitoringhealth safetypatient deathhospital disputelocal peopleprotestdistrict administrationmedical disasterhealth policyhospital accountabilitypatient safetyemergency systemhospital functioningछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





