छत्तीसगढ़
सरकारी शिक्षक बना डॉक्टर, पत्नी के साथ चला रहा था दो अवैध क्लीनिक
Shantanu Roy
23 Aug 2026 9:50 PM IST

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छग
Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी स्कूल में पदस्थ एक शिक्षक छुट्टी के बाद डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहा था। आरोप है कि शिक्षक अपनी पत्नी के साथ मिलकर दो अवैध क्लीनिक भी संचालित कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दामोदरपुर क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान सरकारी शिक्षक प्रदीप दास के अवैध क्लीनिक संचालन का मामला सामने आया।
जानकारी के अनुसार प्रदीप दास पूर्व माध्यमिक शाला लुरघुट्टा में शिक्षक के पद पर पदस्थ है। आरोप है कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बाद वह क्लीनिक में मरीजों का इलाज करता था। बताया जा रहा है कि शिक्षक अपनी पत्नी के साथ मिलकर दामोदरपुर में दो अलग-अलग क्लीनिक चला रहा था। संयुक्त टीम ने जब क्लीनिकों में छापेमार कार्रवाई की तो वहां कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान मौके से एक्सपायरी दवाइयां और इलाज में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न मेडिकल इंस्ट्रूमेंट बरामद किए गए।
क्लीनिक संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। इसके बाद टीम ने बरामद सामग्री को सील कर जब्ती की कार्रवाई की। अधिकारियों ने नर्सिंग होम एक्ट के नियमों के उल्लंघन को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के दौरान यह मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि बलरामपुर जिले में हाल ही में झोलाछाप डॉक्टर के कथित गलत इलाज से तीन साल के मासूम बच्चे की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद प्रशासन ने अवैध क्लीनिकों पर सख्ती बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब जिले में संचालित अन्य क्लीनिकों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति और जरूरी योग्यता के मरीजों का इलाज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। वहीं, शिक्षक प्रदीप दास के मामले में भी विभागीय स्तर पर जांच की संभावना है। सरकारी कर्मचारी द्वारा निजी रूप से चिकित्सा सेवा देने के आरोपों की भी जांच की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य निजी क्लीनिक संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इलाज कराने से पहले डॉक्टर की योग्यता और क्लीनिक की मान्यता जरूर जांच लें।
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