कर्रेगुटा पहाड़ी में जंगल वार फेयर स्कूल खोलने की तैयारी में सरकार

रायपुर। केंद्र सरकार के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के समूल खात्मे की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही राज्य की सरकार ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने बस्तर में सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ने और माओवादी संगठन के विस्तार को पूरी तरह रोकने के लिए कर्रेगुटा पहाड़ी में जंगल वार फेयर स्कूल और CRPF का कैम्प खोलने निर्णय लिया है। इसकी पुष्टि खुद गृहमंत्री विजय शर्मा ने की है।
बता दें कि, कर्रेगुटा पहाड़ी को नक्सलियों का नया गढ़ या कहे राजधानी माना जाता है। बताया जाता है कि, दुर्गम पहाड़ और जंगलो से घिरे इस इलाके में बड़े माओवादी नेताओं की आमदरफ्त बनी रहती है। पुलिस और सुरक्षाबलों ने यहाँ कई बड़े मुठभेड़ों को अंजाम दिया है लेकिन अब सरकार अपनी इस लड़ाई को निर्णायक बनाने की तैयारी में जुट गई है और इस पूरे क्षेत्र को नक्सल मुक्त करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
बताया गया है कि, 700 एकड़ जमीन पर वार फेयर स्कूल खुलने का रास्ता साफ हो चुका है। इसके बाद ट्रेनिंग कैंप और सिक्योरिटी फोर्स के नाम पर जमीन का आबंटन कर दिया गया है। राज्य वन्य जीव कल्याण बोर्ड की बैठक में इस फैसले को हरी झंडी मिल गई है। जानकारी के अनुसार यहां तक पहुंचने के लिए साढ़े 5 किमी लम्बी पक्की सड़क भी बनाई जाएगी। सड़क के लिए भी सरकार ने जमीन अलॉट कर दिया है।





