छत्तीसगढ़
शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्लीडीह
Nilmani Pal
8 Jun 2025 7:02 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्लीडीह, रायपुर में शैक्षणिक गतिविधियों पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। विद्यालय में कुल 551 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो कि 11 अलग-अलग कक्षाओं में विभाजित हैं। लेकिन इन विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शिक्षकों की भारी कमी उत्पन्न हो गई है, जिससे विद्यालय प्रशासन और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता गहरा रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि विद्यालय में स्वीकृत 12 व्याख्याताओं में से 3 व्याख्याताओं को युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत हटा दिया गया है। अब केवल 9 व्याख्याता शेष बचे हैं, जिन्हें प्रतिदिन 60 पीरियड्स संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह गणितीय रूप से भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्याख्याता को प्रतिदिन 5 से 6 पीरियड भी पढ़ाने दिए जाएं, तब भी 60 पीरियड पूरे करना असंभव प्रतीत होता है।
विद्यालय प्रशासन का कहना है कि 9 शिक्षकों से प्रतिदिन 60 पीरियड चलवाना व्यावहारिक नहीं है, और यदि किसी दिन कोई व्याख्याता अवकाश पर चला जाता है, तो उस दिन पढ़ाई पूरी तरह से चरमरा जाती है। यदि प्रत्येक शिक्षक प्रतिदिन केवल 4 पीरियड ही पढ़ाए, तो भी कुल 15 व्याख्याताओं की आवश्यकता पड़ेगी। इस स्पष्ट अंतर के बावजूद युक्तियुक्तकरण करते समय छात्र संख्या को प्राथमिकता में नहीं रखा गया, जो कि नीति और व्यवहार दोनों के विरुद्ध है। विद्यालय प्रशासन ने यह भी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया कि शासकीय प्यारेलाल हिंदू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायपुर, जहाँ केवल 127 विद्यार्थी दर्ज हैं, वहां प्रत्येक विषय के दो-दो व्याख्याता कार्यरत हैं और कुल 23 व्याख्याताओं की पदस्थापना की गई है। इसके विपरीत, अम्लीडीह विद्यालय में चार गुना अधिक विद्यार्थी होने के बावजूद व्याख्याता संख्या घटा दी गई है।
हिंदी और गणित विषयों में गंभीर संकट
विद्यालय की स्थिति और भी जटिल तब हो गई जब हिंदी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक नहीं बचे। चित्ररेखा बंजारे, जो हिंदी विषय की व्याख्याता थीं, को नवंबर 2023 में निलंबित कर दिया गया था, लेकिन युक्तियुक्तकरण के दस्तावेजों में हिंदी के पद को रिक्त नहीं दर्शाया गया, जिससे वह स्थान अब तक भर नहीं पाया है। इसी प्रकार, 13 जून 2024 को दिनेश कुमार साहू के कोंडागांव स्थानांतरण के पश्चात, गणित की केवल एक व्याख्याता कोमल बघेल विद्यालय में कार्यरत थीं। लेकिन युक्तियुक्तकरण की सूची में उन्हें भी अतिशेष दिखा दिया गया है, जिससे गणित का शिक्षण पूरी तरह से ठप पड़ने की संभावना बन रही है।
प्राचार्य ने पुनर्विचार की लगाई गुहार
विद्यालय के प्राचार्य ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से विनम्र अनुरोध किया है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पर पुनर्विचार करते हुए:
तीनों हटाए गए व्याख्याताओं को पुनः विद्यालय में पदस्थापित किया जाए।
छात्र संख्या के आधार पर नए तीन व्याख्याताओं की पदस्थापना की जाए।
रिक्त हिंदी और गणित विषयों के पदों को प्राथमिकता से भरा जाए।
उन्होंने कहा कि इन तीन अतिरिक्त व्याख्याताओं के बिना 551 विद्यार्थियों का समुचित अध्यापन असंभव है, और यह उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
विद्यालय प्रशासन और अभिभावकों की ओर से यह भी अपील की गई है कि शिक्षा विभाग शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को संशोधित करे, जिससे कि शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित न हो।
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