छत्तीसगढ़

कुटरू में सरकारी कर्मचारियों से मारपीट, दो पुलिस जवान निलंबित

Shantanu Roy
1 Jun 2025 7:18 PM IST
कुटरू में सरकारी कर्मचारियों से मारपीट, दो पुलिस जवान निलंबित
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छग
Bijapur. बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ तकनीकी सहायक संतोष कुंजाम और पंचायत सचिव बाबू राव पुलसे के साथ बीते दिनों कुटरू एसडीओपी ब्रिज किशोर यादव और उनके पुलिसकर्मियों द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आक्रोशित जनपद पंचायत भैरमगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी लामबंद हो गए हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। साथ ही बीजापुर कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ
सख्त
कार्रवाई की मांग की है। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने दो जवान दिवा जितेन्द्र और सोमारू उरसा को निलंबित कर दिया है। एसपी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में अपर कलेक्टर भूपेन्द्र कुमार अग्रवाल अध्यक्ष होंगे।


जबकि सदस्य के रूप में एएसपी यूलेडन यार्क और एसडीएम भैरमगढ़ विकास सर्वे को शामिल किया गया है। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। यह घटना 29 मई को कुटरू थाना क्षेत्र के ग्राम तुमला के पास हुई। पीड़ित तकनीकी सहायक संतोष कुंजाम के मुताबिक, वे और पंचायत सचिव बाबू राव पुलसे कार से बीजापुर लौट रहे थे। तभी पीछे से आ रही एक स्कॉर्पियो वाहन को रास्ता न मिलने से नाराज होकर उसमें सवार कुटरू एसडीओपी और पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि दोनों को कॉलर पकड़कर गाड़ी से बाहर निकाला गया, बंदूक की नोक पर धमकाया गया और फिर जमीन पर गिराकर जूते और बेल्ट से पीटा गया। इसके अलावा जातिगत गाली-गलौज भी की गई। इस घटना के बाद पीड़ित कर्मचारी भैरमगढ़ पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद सभी कर्मचारी भैरमगढ़ थाने पहुंचे और एफआईआर की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे काम बंद आंदोलन करेंगे। फिलहाल, इस मामले में पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं किया है। जिससे कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ा हुआ है, वहीं दूसरी ओर पुलिस महकमे की साख पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखने वाली बात होगी की जांच रिपोर्ट आने के बाद क्या कार्रवाई होती है।

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