जनता के चौखट में सरकार, प्रदेश के मुखिया संग हंसी-ठिठोली और झट से समस्या का निदान

रायपुर। प्रदेश में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से CM विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” एक प्रभावी, संवेदनशील और जनोन्मुखी पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। 1 मई से शुरू यह विशेष अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की उस स्पष्ट मंशा का प्रतीक है, जिसमें शासन व्यवस्था को सरल, सुलभ और जवाबदेही बनाते हुए आम नागरिकों को केंद्र में रखा गया है। इस दौरान राज्य के गांव-गांव और शहरों के वार्ड-वार्ड तक प्रशासनिक अमला सक्रिय रूप से पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुन रहा है और मौके पर ही उनके समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे जनता और शासन के बीच वर्षों से बनी दूरी को कम करने में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है।
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है “संवाद से संपूर्ण समाधान”, जिसके तहत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद स्थापित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों में लगाए जा रहे जनसमस्या निवारण शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और मांगें प्रस्तुत कर रहे हैं। इनमें भूमि संबंधी विवाद, नामांतरण, सीमांकन, जाति- निवास, आय प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से इन समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने की मजबूरी से राहत मिल रही है और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है।
सुशासन तिहार 2026 केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकास को नई गति देने का भी सशक्त माध्यम बन रहा है। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जा रही है, अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नई योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। इससे राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की रोशनी तेजी से पहुंच रही है और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार का यह प्रयास स्पष्ट करता है कि विकास केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए।
सिलमा के शांतिपारा में ग्रामीणों से सीधे संवाद
‘सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे, जहां उन्होंने जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए।
इस दौरान ग्राम सुआरपारा निवासी राजेश शुक्ला ने अपनी आर्थिक कठिनाइयों का जिक्र करते हुए बिजली बिल माफी और आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मामले पर संज्ञान लिया और आश्वस्त किया कि उनकी स्थिति को देखते हुए बिजली बिल माफी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के इस त्वरित निर्णय से भावुक हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर परेशान थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने स्वयं उनकी बात को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह चौपाल उनके लिए राहत और विश्वास का माध्यम बनी है। जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ शासन की कार्यप्रणाली में बेहतर और सकारात्मक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से अब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचेगा और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करेगा।
महिलाओं की बदलती तस्वीर के साक्षी बने मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं और युवाओं से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रशिक्षण कक्ष में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री ने “जय बिहान” कहकर अभिवादन किया, जिससे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए विशेष रूप से पशु सखियों और ‘लखपति दीदी’ से बातचीत कर उनके अनुभवों को जाना। संवाद के दौरान ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने बताया कि बिहान योजना से जुड़कर वे पशु सखी के रूप में गांव में पशुओं का सर्वे, उपचार में सहयोग और जागरूकता का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को नजदीक से महसूस किया और कहा कि कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि RSETI के माध्यम से जिले में अब तक 16 बैचों में 510 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार हेतु तैयार किया जा चुका है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां उन्होंने विभिन्न समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके उत्पादों और अनुभवों की जानकारी ली। कोमल स्व-सहायता समूह की पूर्णिमा बासिन ने बताया कि बैंक लिंकेज और CIF के माध्यम से प्राप्त ऋण से उन्होंने जैविक खेती शुरू की और जीराफूल चावल का उत्पादन कर एक वर्ष में 3 लाख रुपये की बिक्री की है। मुख्यमंत्री ने उनकी इस सफलता की सराहना करते हुए 5 समूहों को 21 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं जमीन पर बदलाव की स्पष्ट तस्वीर बनकर सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं और स्थानीय उत्पादों को प्रदेश स्तर तक पहचान मिल रही है।
बरगद की छांव में सजी सीएम साय की जनचौपाल
सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
बच्चों संग खेला क्रिकेट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी।
किराना दुकान में मुख्यमंत्री साय
पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया।
आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है। सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।
पीएम आवास निर्माण घर में सीएम
सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी। विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही श्रीमती अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है। इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मोहनलाल को मिला तत्काल लाभ
जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत नवागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत सरखों में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। शिविर में ग्राम बनारी निवासी मोहनलाल अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने किसान किताब से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया, जो उनके कृषि कार्यों के लिए आवश्यक था।
आवेदन प्राप्त होते ही राजस्व विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही उन्हें नई किसान किताब प्रदान कर दी। समस्या का तत्काल समाधान मिलने से श्री मोहनलाल के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि इस पहल से उनकी समस्या कुछ ही समय में हल हो गई। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर को जनहितकारी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरोधी की चौपाल में दिखी बदलाव की कहानी
ग्राम सरोधी की निवासी केकती मरावी, अपने पति राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है। केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है।
सुशासन तिहार के चौपाल में मिली राहत
सरलाबाई मरावी, पति लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है। चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया।
अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी। सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है।





