छत्तीसगढ़

विकसित भारत 2047 पर छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

SHIDDHANT
19 Sept 2026 10:56 PM IST
विकसित भारत 2047 पर छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
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छग
Raipur रायपुर। सेवा संकल्प समर्पण अभियान के अंतर्गत जे.आर. दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिन्दी विद्यालय रायपुर में शनिवार को ‘विकसित भारत @2047’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं ने रंगोली, भाषण, पेंटिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं ने विकसित भारत की अपनी कल्पना को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों जैसे विषयों के प्रति जागरूक करना रहा। छात्राओं ने अपनी कलाकृतियों और विचारों के जरिए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण से जुड़े अपने सपनों और सुझावों को सामने रखा।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. हितेष दीवान ने छात्राओं को संबोधित करते हुए विकसित भारत 2047 के विजन पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को साकार करने के लिए अनुशासित जीवन के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके अलावा तेजी से बदलते तकनीकी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सार्थक और जिम्मेदार प्रयोग को समझना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में छात्रा देविका कुर्रे ने अपने भाषण के माध्यम से सहपाठियों को सुगम और सुसंस्कृत भारत की पहचान से परिचित कराया। उन्होंने विकसित राष्ट्र के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका को लेकर अपने विचार रखे और छात्राओं से सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
वहीं छात्रा दिव्या तिवारी ने भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से यह संदेश दिया कि आधुनिक विकास के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है।
रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिताओं में भी छात्राओं ने विकसित भारत की परिकल्पना को अलग-अलग रंगों और आकृतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। वहीं निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिता में शिक्षा, तकनीक, पर्यावरण, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषय प्रमुख रूप से सामने आए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ व्याख्याता ज्योति सक्सेना, मीनू पांडे, प्रधान पाठिका क्रांति चंद्राकर सहित विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय प्रबंधन ने इस तरह की गतिविधियों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उनकी रचनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
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