कल से प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में RTE के तहत होगा दाखिला

रायपुर। गरीब बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ प्रायवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन का बड़ा और संवेदनशील फैसला सामने आया है, एसोसिएशन ने कहा, जैसे कि आपको ज्ञात होगा की प्रदेश के निजी स्कूलों ने 1 मार्च से असहयोग आंदोलन का ऐलान किया था. आंदोलन की अगली कड़ी में प्रेस क्लब में ही चार अप्रैल को प्रेस वार्ता के माध्यम से लगातार हो रही अनदेखी को ध्यान में रखते हुए निजी स्कूलों ने इस वर्ष शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रवेश न देने का निर्णय लिया था.
2 दिन पहले इस वर्ष आर टी ई के प्रवेश के आंकड़े जो स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं उसमें 33 में से 29 जिलों में 50% से ऊपर दाखिले शेष थे . यह आंदोलन की सफलता को दर्शाता है . ( आंकड़े संलग्न ).
संगठन द्वारा प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की दायर याचिका क्रमांक WPC 4988 / 2025 के आदेश दिनांक 19.9.2025 को माननीय उच्च न्यायालय ने 6 महीने के अंदर संगठन द्वारा दी गई रिप्रेजेंटेशन पर निर्णय हेतु आदेशित किया था. आदेश दिनांक 19.9. 2025 को पालन न किए जाने के कारण और संगठन द्वारा अवमानना याचिका लगाई गई थी.
अवमानना याचिका में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी को उच्च न्यायालय से नोटिस जारी हुआ है. (नोटिस संलग्न ) .
लगभग ढाई महीने के सतत आंदोलन के बाद भी हमारी मांगे नहीं मानी गई है. आंदोलन की सफलता से विचलित होकर स्कूल शिक्षा विभाग ने अलग-अलग तरीकों से आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया है .
असहयोग आंदोलन अब सिर्फ प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने बस का नहीं रह गया है. इसमें इस वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एंट्री क्लास बदलकर कक्षा 1 कर दी गई है उसे वापस बदल कर किसी भी स्कूल की एंट्री क्लास किया जाये भी जोड़ दी गई है. स्कूलों तक पहुंच रहे वंचित परिवारों की पीड़ा पर यह मांग पर जोड़ दी गई है.





