छत्तीसगढ़

कलेक्टर के मार्गदर्शन से 5 माह के बच्चे का हुआ निःशुल्क इलाज, नहीं तो हो सकती थी मानसिक दिव्यांगता

Nil dhankar
9 Jun 2022 5:03 PM IST
कलेक्टर के मार्गदर्शन से 5 माह के बच्चे का हुआ निःशुल्क इलाज, नहीं तो हो सकती थी मानसिक दिव्यांगता
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सांकेतिक तस्वीर 

कोरिया। सोनहत के अमहर ग्राम के रहने वाले बीर बहादुर के 5 माह के बेटे मन्नू को हाइड्रोसेफलस नामक बीमारी थी। इस बीमारी में दिमाग में एक तरह का तरल जम जाता है। जिसके दबाव से सिर के क्रमिक बढ़ने, ऐंठन और मानसिक दिव्यांगता हो सकती है। मन्नू की जानकारी पता चलने पर चिरायु टीम सोनहत ने तुरंत ही परिजनों से संपर्क किया और जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर भेजा गया। आवश्यक परीक्षण के बाद मन्नू को उचित इलाज के लिए राजधानी रायपुर के अनुबंधित चिकित्सालय रेफेर किया गया। मन्नू के इलाज की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारी सोनहत ने तत्काल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अवगत कराया और कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में तत्काल मरीज को रायपुर ले जाने की उचित व्यवस्था कराई गई। चिरायु टीम ने शीघ्र सहयोग एवं समन्वय से उक्त मरीज को भर्ती कराया। रायपुर में मन्नू का सफल ऑपरेशन हुआ और अब वह खतरे से बाहर है।

जिला स्वास्थ्य सलाहकार डॉ प्रिंस जायसवाल ने बताया कि यह पण्डो परिवार मन्नू की बीमारी की जानकारी नाइ होने के कारण इलाज कराने में असमर्थ था। चिरायु टीम ने उनकी बड़ी परेशानी दूर की। जिसके लिए अब मन्नू के माता पिता अत्यंत खुश हैं और पूरे चिरायु टीम, स्वास्थय विभाग और पूरे जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हैं।

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