
x
छग
Durg दुर्ग। मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर बैंक खातों में रकम मंगवाने और चॉइस सेंटर संचालकों से उसके बदले नगद राशि हासिल करने वाले दो आरोपियों को जामुल थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी योजनाबद्ध तरीके से बैंक खातों का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर रकम प्राप्त कर रहे थे। मामले की जांच और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिवपुरी जामुल निवासी चंदन साहू चॉइस सेंटर का संचालन करता है। 10 मार्च को एक युवती उसके चॉइस सेंटर पहुंची और मेडिकल इमरजेंसी होने की बात कही। युवती ने बताया कि उसका एक परिचित चंदन साहू के बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करेगा और इसके बदले उसे नगद राशि चाहिए। मेडिकल इमरजेंसी की बात सुनकर चंदन साहू ने युवती पर विश्वास कर लिया। बताया गया कि रकम बैंक खाते में आने के बाद चंदन साहू ने युवती को उसके बदले नगद राशि दे दी। उस समय उसे किसी तरह की धोखाधड़ी का संदेह नहीं हुआ। घटना के करीब दो दिन बाद साइबर ठगी से संबंधित शिकायत के कारण बैंक ने चंदन साहू का खाता होल्ड कर दिया। अचानक बैंक खाता होल्ड होने पर मामले की जानकारी सामने आई और इसके बाद पुलिस तक शिकायत पहुंची।
जामुल पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि केवल चंदन साहू ही नहीं, बल्कि अन्य चॉइस सेंटर संचालकों से भी इसी तरह अलग-अलग रकम प्राप्त की गई थी। पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेन-देन सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से बैंक खातों का म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर रकम प्राप्त कर रहे थे। कथित मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर पहले चॉइस सेंटर संचालकों के खातों में रकम मंगवाई जाती थी और इसके बाद उनसे नगद राशि हासिल कर ली जाती थी। बाद में संबंधित रकम के साइबर ठगी से जुड़े होने की शिकायत सामने आने पर खाताधारक का बैंक अकाउंट होल्ड हो जाता था।
पुलिस ने मामले में लोकेश कुमार मालवीय, निवासी बसंत विहार कॉलोनी, महावीर नगर, जिला रायपुर और दिनेश मालवीय, निवासी नई सब्जी मंडी अहिवारा, थाना नंदिनी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने लोगों और चॉइस सेंटर संचालकों को अनजान व्यक्तियों के कहने पर अपने बैंक खातों में रकम मंगवाने और उसके बदले नगदी देने से बचने की सलाह दी है। इस तरह का लेन-देन साइबर अपराध से जुड़ा होने पर संबंधित बैंक खाता जांच के दायरे में आने के साथ होल्ड भी हो सकता है।
Next Story





