छत्तीसगढ़

57 सिम के साथ फ्रॉड गिरफ्तार, पुलिस का खुलासा

Nilmani Pal
24 Feb 2025 9:56 AM
57 सिम के साथ फ्रॉड गिरफ्तार, पुलिस का खुलासा
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राजनांदगांव। छुरिया क्षेत्र के गैंदाटोला से फर्जी मोबाइल सिम सायबर ठगों को पहुंचाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया। उक्त सिम का उपयोग भारत के साथ-साथ विदेशों जैसे म्यांमार, कंबोडिया, लाओस एवं फिलीपींस में सायबर ठगी के लिए किया जा रहा है। बताया गया कि एक ग्राहक जब अपना सिम एक्टिवेट कराने जाता है, तब आरोपी उनसे दो बार बायोमेट्रिक्स करवाकर फर्जी सिम बना लेते थे। इन फर्जी सिम से करोड़ों की सायबर ठगी हा रही है। फर्जी सिम मामले में गैंदाटोला छुरिया एवं डोंगरगढ़ के कुल 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहीं आरोपियों के कब्जे से 57 सिम और 7 मोबाइल फोन जब्त किया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसपी मोहित गर्ग के निर्देशन में जिले में मिशन सायबर सुरक्षा के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर से फर्जी सिम संबंधित विषय में प्राप्त सूचना के आधार पर कि गैंदाटोला थाना क्षेत्र में प्वाईंट ऑफ सेल (पीओएस) कोड 7470700724 पोखन मोबाइल एड्रेस 112 गैंदाटोला छुरिया राजनांदगांव द्वारा फर्जी सिम कार्ड आबंटित किया जा रहा है और इसका उपयोग सायबर अपराधों में भारत के साथ-साथ विदशों में जैसे म्यांमार, कंबोडिया, लाओस एवं फिलीपींस में भी किया जा रहा है।

प्रभारी सायबर सेल निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में थाना प्रभारी गैंदाटोला एवं सायबर सेल की टीम को जल्द मामले की पतासाजी के लिए कहा गया। सायबर सेल की टीम द्वारा पुलिस मुख्यालय से प्राप्त मोबाइल नंबरों एवं जहां से ये सिम आबंटित किए गए थे, ऐसे प्वाईंट ऑफ सेल (पीओएस) की खोजबीन की गई और थाना गैदाटोला में अपराध क्रमांक 14/2025 धारा 318(4), 61 (2), बीएनएस एवं 66(सी) आईटी एक्ट पंजीबद्ध करवाया गया।

पतासाजी के दौरान प्वाईंट ऑफ सेल संचालक, एजेंट तथा फर्जी सिम को आरोपियों तक पहुंचाने वालों की खोजबीन की गई, तब कुल 57 मोबाइल सिम नंबरों को फर्जी तरीके से जारी करने की जानकारी प्राप्त होने पर प्रारंभिक तौर पर मोबाईल नंबर के पंजीकृत ग्राहक क्रमश: कैलाश चन्द्र चिरचारीकला व तुकेश्वर सीताकसा से पूछताछ कर कथन लिया गया। उन्होंने बताया कि एयरटेल मोबाईल सिम विक्रेता सीताकसा निवासी हेमंत डोंगरे द्वारा उनके निवास स्थान गांव आकर करीब 6-7 माह पूर्व सिम बेचने के बहाने उनके नाम, पता आधार व फोटो (व्यक्तिगत दस्तावेज) के आधार पर अतिरिक्त सिम धोखाधड़ीपूर्वक जारी कर उसके दुरूपयोग करने की नीयत से अपने पास रख लिया था।


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