छत्तीसगढ़

धर्मांतरण विवाद से चार घंटे तनाव, निजी जमीन पर हुआ बुजुर्ग का दफन

Shantanu Roy
8 Dec 2025 11:05 PM IST
धर्मांतरण विवाद से चार घंटे तनाव, निजी जमीन पर हुआ बुजुर्ग का दफन
x
छग
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शनिवार को एक धर्मांतरण से जुड़ा मामला उस समय विवाद का कारण बन गया, जब गांव के एक धर्मांतरित बुजुर्ग के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों और मसीही समाज आमने-सामने आ गए। घटना गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम परसदा की है, जहां लगभग चार घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। अंततः पुलिस प्रशासन की मध्यस्थता के बाद मामला शांत हुआ और परिजन बुजुर्ग को उसकी निजी जमीन पर दफनाने के लिए तैयार हुए। ग्राम परसदा के रहने वाले लच्छन साहू (85) ने कुछ वर्ष पूर्व हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था। उनकी मृत्यु के बाद मसीही समुदाय के लोग, परिजनों के साथ मिलकर, गांव के मुक्तिधाम की जगह पर दफनाने की तैयारी में जुटे थे।

इसके लिए मुक्तिधाम के एक हिस्से में गड्ढा भी खोदा गया था। मामले की भनक लगते ही गांव के कई लोग और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए और दफनाने का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि मुक्तिधाम हिंदू परंपराओं और अंतिम संस्कार की पारंपरिक प्रक्रियाओं के लिए आरक्षित स्थान है, ऐसे में किसी धर्मांतरित व्यक्ति के दफन को वह स्वीकार नहीं करेंगे। देखते ही देखते गांव में तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर गुंडरदेही टीआई नवीन बोरकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने हालात को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों के साथ विस्तृत बातचीत की।

लंबी समझाइश और चर्चा के बाद अंततः बुजुर्ग के परिजन मुक्तिधाम की जगह के बजाय उनकी निजी जमीन पर दफन करने के लिए तैयार हुए। इसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में दफन प्रक्रिया संपन्न कराई गई और स्थिति को सामान्य किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच गांव में विश्व हिंदू परिषद के स्थानीय नेता बलराम गुप्ता भी पहुंचे और ग्रामीणों के विरोध को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से गांव का मुक्तिधाम हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित है। धर्म परिवर्तन कर चुके व्यक्ति का दफन वहां करना उचित नहीं है।

गुप्ता ने गुंडरदेही क्षेत्र में कथित अवैध धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कुछ संगठनों द्वारा लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा पाया गया, तो विश्व हिंदू परिषद इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। पुलिस प्रशासन की तत्परता से मामला शांत हो गया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध ने क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल गांव में शांति कायम है, और पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।
Tagsबालोद विवादपरसदा गांवधर्मांतरण मामलाईसाई समुदाय दफन विवादहिंदू संगठन विरोधमुक्तिधाम विवादगुंडरदेही पुलिसलच्छन साहू दफनविश्व हिंदू परिषद बयानछत्तीसगढ़ धर्मांतरण तनावBalod disputeParsada villageconversion caseChristian community burial disputeHindu organization protestMuktidham disputeGunderdehi policeLachhan Sahu burialVishwa Hindu Parishad statementChhattisgarh conversion tensionछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story