छत्तीसगढ़

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: 45 लाख की अवैध लकड़ी जब्त

Shantanu Roy
25 Oct 2025 12:35 AM IST
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: 45 लाख की अवैध लकड़ी जब्त
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छग
Raigarh. रायगढ़। जिले में वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 45 लाख रुपये मूल्य की कीमती लकड़ियां जब्त की हैं। कार्रवाई के दौरान एक 18 चक्का ट्रक और एक स्कॉर्पियो वाहन को सीज किया गया है। इस दौरान एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मामला रायगढ़ वनमंडल क्षेत्र के कुर्मापाली से गोर्रा मार्ग के बीच का है। जानकारी के मुताबिक, विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि पाली से गोर्रा के बीच
नहर
के पास भारी मात्रा में अवैध रूप से लकड़ी की लोडिंग की जा रही है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। वहां खैर और तेंदू जैसी कीमती लकड़ियों से भरा एक 18 चक्का ट्रक मिला, जिसे जब्त कर लिया गया।
वन विभाग की कार्रवाई में छुईपारा निवासी महेंद्र यादव (26 वर्ष) को मौके से हिरासत में लिया गया है। ट्रक में लदी लकड़ियों को जब्त कर उर्दना काष्ठागार भेजा गया, जहां लकड़ियों का घनमीटर माप और मूल्यांकन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई लकड़ी की प्रारंभिक कीमत लगभग 45 लाख रुपये आंकी गई है। इसी दौरान विभाग को सूचना मिली कि लकड़ी तस्करी में शामिल अन्य आरोपी कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास एक स्कॉर्पियो वाहन में मौजूद हैं। लेकिन वन विभाग की टीम को देखकर आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। टीम ने स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया। जांच में पता चला कि स्कॉर्पियो का नंबर प्लेट हरियाणा पासिंग का है, जिससे तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
मामले में एसडीओ (फॉरेस्ट) ने बताया कि सूचना मिलने के बाद कुर्मापाली और गोर्रा मार्ग पर विशेष निगरानी रखी गई थी। जैसे ही तस्करों की गतिविधि की पुष्टि हुई, टीम ने तत्काल छापा मारा और ट्रक सहित स्कॉर्पियो को सीज कर लिया गया। उन्होंने बताया कि लकड़ी की कुल मात्रा का निर्धारण घनमीटर के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद इसकी सटीक कीमत तय होगी। वन विभाग ने आरटीओ को पत्र भेजकर दोनों वाहनों के पंजीयन और स्वामित्व की जानकारी मांगी है। विभाग का कहना है कि लकड़ी तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग की मोबाइल टीम, फॉरेस्ट गार्ड और अधिकारी शामिल थे। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय विशेष गश्त बढ़ाई गई है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि तस्कर लकड़ियों को कहां भेजने की योजना बना रहे थे और उनके अन्य नेटवर्क कहां सक्रिय हैं। वन विभाग की इस कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की तत्परता की सराहना की है और मांग की है कि इस तरह की कार्रवाइयों को नियमित रूप से जारी रखा जाए ताकि वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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