छत्तीसगढ़

डौण्डी में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: तीन शिकारी गिरफ्तार

Shantanu Roy
3 Aug 2025 11:54 PM IST
डौण्डी में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: तीन शिकारी गिरफ्तार
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Balod. बालोद। जिले के डौण्डी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोर्रीठेमा के जंगलों में वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये आरोपी शिकार कर जंगल से लौट रहे थे, उसी दौरान विभाग की विशेष टीम ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। विभाग ने मौके से 22 मृत वन्यजीव, दो देसी बंदूकें और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
जंगल से लौटते समय हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हेमलाल (40 वर्ष), विजय कुमार उसेंडी (20 वर्ष) और इशांत कुमार उसेंडी (18 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बालोद जिले के मथेना गांव के निवासी हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे शौकिया और मांस की बिक्री के उद्देश्य से जंगलों में शिकार करने गए थे।
सूचना मिलने पर डौण्डी वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में बनाई गई विशेष टीम ने ढोर्रीठेमा गांव के पास जंगल की सीमा पर घेराबंदी की और तीनों को उस वक्त पकड़ लिया, जब वे बाइक से जंगल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।
22 मृत वन्यजीव बरामद
वन विभाग की टीम ने आरोपियों के पास से जो थैले और झोले बरामद किए, उनमें कुल 22 मृत वन्यजीव मिले। इन वन्यजीवों में 15 पड़की (छोटे जंगली पक्षी), 3 हरील, 1 शिकारी बाज, 1 बटेर और 2 गिलहरियाँ शामिल हैं। सभी मृत वन्यजीवों को विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है ताकि शिकार की विधि और हथियारों की पुष्टि की जा सके।
हथियार और वाहन भी जब्त
वन विभाग ने आरोपियों के पास से दो देशी कट्टेनुमा बंदूकें बरामद की हैं, जिनका उपयोग शिकार के लिए किया गया था। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जिसका उपयोग जंगल में आने-जाने के लिए किया जा रहा था। बंदूकों की वैधता और लाइसेंस की जानकारी नहीं मिलने पर संबंधित धाराओं में
मामला
दर्ज कर जांच बढ़ा दी गई है।
वन विभाग ने जताई सख्ती
इस कार्रवाई के बाद डौण्डी वन परिक्षेत्र अधिकारी ने प्रेस को जानकारी देते हुए कहा, “हमारी टीम लगातार जंगल क्षेत्र की निगरानी कर रही थी। सूचना मिलते ही तत्काल घेराबंदी की गई और शिकारियों को मौके पर ही पकड़ा गया। यह शिकार गंभीर अपराध है और इस पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार को लेकर विभाग पूरी तरह सख्त है और जो भी व्यक्ति जंगल की जैवविविधता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह के और भी सदस्य हैं, जो आसपास के इलाकों में सक्रिय हैं।
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