छत्तीसगढ़
अवैध कटाई रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला, चार कर्मचारी घायल
Shantanu Roy
6 Oct 2026 5:36 PM IST

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छग
Kawardha. कवर्धा। जिले के कुकदुर थाना क्षेत्र के कोदवागोड़ान के पास घाठा डोंगरी के जंगल में पेड़ों की अवैध कटाई रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। आरोप है कि पेड़ काट रहे लोगों को पकड़ने की कोशिश के दौरान करीब 5 से 6 लोग वापस लौटे और वनकर्मियों को घेरकर लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया। इस घटना में दो वनरक्षक और दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। मामले में पुलिस ने मानसिंह गोंड, रितु गोंड सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
वनरक्षक पोखराज चंद्रवंशी के मुताबिक, 1 अक्टूबर को घाठा डोंगरी के जंगल में पेड़-पौधों की अवैध कटाई की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि करने के लिए वे वनरक्षक धर्मेंद्र पटेल और सुरक्षाकर्मी यशवंत परस्ते तथा इंद्रपाल साकत के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने जंगल में पहुंचकर देखा कि मंगली निवासी मानसिंह गोंड अपने कुछ साथियों के साथ पेड़ काट रहा था। वनकर्मियों को देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे। टीम ने उनका पीछा किया और एक आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस शिकायत के अनुसार, अपने साथी को वन विभाग के कब्जे में देखकर जंगल की ओर भाग रहे करीब 5 से 6 ग्रामीण वापस लौट आए। आरोप है कि उन्होंने वन विभाग की टीम को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने कथित तौर पर लाठी तथा पत्थरों से वनकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में वनरक्षक पोखराज चंद्रवंशी और धर्मेंद्र पटेल के साथ सुरक्षाकर्मी यशवंत परस्ते तथा इंद्रपाल घायल हो गए।
घटना के दौरान स्थिति बिगड़ती देख वनकर्मियों ने मामले की जानकारी डिप्टी रेंजर दिलीप चंद्राकर और वनरक्षक गौरीशंकर साहू को दी। इसके बाद घायल कर्मचारी किसी तरह कुकदुर थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। पुलिस ने मानसिंह गोंड, रितु गोंड और उनके अन्य सहयोगियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 121(1), 132, 191(2), 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है।
वन विभाग की टीम पर हमला उस समय हुआ, जब कर्मचारी अवैध कटाई की सूचना की जांच और कार्रवाई के लिए जंगल क्षेत्र में पहुंचे थे। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जंगल में कितने पेड़ों की कटाई की गई और अवैध कटाई में किन-किन लोगों की संलिप्तता थी। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। दुर्गम जंगल क्षेत्रों में अवैध कटाई रोकने के दौरान वनकर्मियों को अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस मामले में भी कार्रवाई के दौरान टीम को हमले का सामना करना पड़ा। फिलहाल कुकदुर पुलिस दर्ज मामले के आधार पर आगे की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल जारी है।
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