छत्तीसगढ़

पैलीमेटा में सरपंच के घर वन विभाग की दबिश, 95 हजार का सागौन चिरान जब्त

Shantanu Roy
30 Sept 2026 5:46 PM IST
पैलीमेटा में सरपंच के घर वन विभाग की दबिश, 95 हजार का सागौन चिरान जब्त
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Khairagarh. खैरागढ़। वनांचल क्षेत्र पैलीमेटा में सागौन की लकड़ी को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने ग्राम पंचायत पैलीमेटा के सरपंच कुमार पाल के घर तलाशी ली। इस दौरान करीब 95 हजार रुपए कीमत का सागौन चिरान बरामद किया गया, जिसे वन विभाग ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच अब इस दिशा में की जा रही है कि लकड़ी कहां से लाई गई थी और क्या इसके लिए जंगल में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई की गई है।

वन विभाग के अनुसार टीम को सूचना मिली थी कि जंगल क्षेत्र से सागौन के पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को पहले सिल्ली के रूप में तैयार किया गया और बाद में उसे काटकर चिरान बनाया गया। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इसकी तस्दीक की और इसके बाद पैलीमेटा में कार्रवाई की योजना बनाई। विभागीय टीम ने सरपंच कुमार पाल के घर पहुंचकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां सागौन का चिरान मिला। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लकड़ी की जांच की और उसके बाद उसे जब्त कर लिया।

प्रारंभिक आकलन में जब्त सागौन चिरान की कीमत करीब 95 हजार रुपए बताई गई है। विभाग अब लकड़ी की वास्तविक मात्रा, उसके स्रोत और उससे संबंधित वैध दस्तावेजों की जांच कर रहा है। यदि लकड़ी के संबंध में वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं होते हैं तो वन कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि जब्त सागौन की लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी। विभाग की टीम पैलीमेटा और आसपास के वन क्षेत्रों में भी जानकारी जुटा रही है। यह देखा जा रहा है कि हाल के दिनों में कहीं सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई तो नहीं हुई।

इसके अलावा वन विभाग लकड़ी की पूरी कड़ी की पड़ताल कर रहा है। इसमें पेड़ काटने, लकड़ी को सिल्ली के रूप में तैयार करने, चिरान बनाने और उसे संबंधित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया शामिल है। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। वन क्षेत्रों में सागौन की लकड़ी का विशेष महत्व है और इसकी अवैध कटाई तथा परिवहन पर वन विभाग लगातार नजर रखता है। ऐसे मामलों में लकड़ी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं। इसी आधार पर यह तय किया जाता है कि लकड़ी वैध रूप से प्राप्त की गई थी या अवैध रूप से काटकर लाई गई।

वन मंडलाधिकारी संजय यादव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पैलीमेटा में कार्रवाई की गई। सरपंच के घर से करीब 95 हजार रुपए कीमत का सागौन चिरान जब्त किया गया है। मामले की जांच जारी है और जब्त लकड़ी के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी को रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। जहां भी अवैध गतिविधि की सूचना मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन विभाग ने जब्त सागौन चिरान को अपने कब्जे में लेकर जांच आगे बढ़ा दी है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसके पीछे किसी अवैध कटाई या तस्करी का नेटवर्क सक्रिय था या नहीं।
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