छत्तीसगढ़

अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विभाग की कार्रवाई, पिकअप समेत दो गिरफ्तार

Shantanu Roy
4 Sept 2026 8:56 PM IST
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विभाग की कार्रवाई, पिकअप समेत दो गिरफ्तार
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छग
Ramanujganj. रामानुजगंज। जिले में वन संपदा की अवैध कटाई और परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए इमारती लकड़ी से भरे पिकअप वाहन को जब्त किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग के अनुसार, जब्त की गई साल की लकड़ी की बाजार कीमत करीब 50 हजार रुपए है। जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम द्वारा सर्किल विजयनगर के बीट परहियाडीह क्षेत्र में जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक JH01 BS/8450 को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान वाहन में साल प्रजाति की लकड़ी मिली। वाहन से साल के 5 लट्ठे और 2 चौधार बरामद किए गए। वन विभाग के अनुसार, जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 0.628 घनमीटर है। मौके पर मौजूद लोगों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई वैध अनुमति या कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद वन विभाग ने लकड़ी समेत पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शौकत अंसारी (46 वर्ष) और अमजद खान (34 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ग्राम चन्दरपुर, पोस्ट बलरामपुर, थाना एवं जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के निवासी बताए गए हैं।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, अवैध रूप से वन उपज का परिवहन करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1) क और धारा 52 के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ वन उपज तथा व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5(1) और छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 की धारा 22 नियम (1) के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध कटाई और लकड़ी परिवहन रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जंगलों से अवैध रूप से लकड़ी काटने और उसे बाहर ले जाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। वन विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि जंगलों और वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें। यदि किसी भी क्षेत्र में अवैध कटाई या लकड़ी तस्करी की जानकारी मिलती है तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें। विभाग का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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