छत्तीसगढ़
केरेगांव में वन विभाग व अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन का जन-जागरूकता अभियान
Shantanu Roy
7 Feb 2026 7:56 PM IST

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Dhamtari. धमतरी। धमतरी जिले के केरेगांव परिक्षेत्र में वन विभाग एवं एनजीओ अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जैव विविधता संरक्षण को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। घने जंगलों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वनवासियों को जंगल के जीवनचक्र, जैव विविधता के महत्व और आंखों से दिखाई न देने वाले सूक्ष्म जीवों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना रहा। कार्यक्रम में वनवासियों से आह्वान किया गया कि वे जंगल और वन्यजीवों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम की शुरुआत लोकनृत्य और कला प्रस्तुतियों के साथ हुई, जिससे संदेश को सरल और प्रभावी तरीके से ग्रामीणों तक पहुंचाया गया। अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन की संस्थापक अनुभा द्विवेदी ने लोकनृत्य, चित्रकला एवं वृक्षारोपण के माध्यम से ग्रामीणों को जोड़ा। उन्होंने बताया कि बांस जैसे वन-आधारित संसाधनों से विविध उत्पाद तैयार कर ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में वन ग्रामों की महिलाओं की भागीदारी अब और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए धमतरी के वन मंडलाधिकारी जाधव कृष्णा ने जैव विविधता के संरक्षण, उसके महत्व और जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) के सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों को विभिन्न प्रशिक्षणों के माध्यम से सतत जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, ताकि संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएफएस एम. यादव, संयुक्त वनमंडलाधिकारी मनोज विश्वकर्मा, जनपद अध्यक्ष नगरी महेश गोटा, जनपद सदस्य कुकरेल चंद्रकला साहू, सरपंच केरेगांव अकबर मंडावी, सरपंच डोकाल देवचंद उइके, एसीएफ प्रभारी रेंजर डिकेन्द्र नेताम, परिक्षेत्र अधिकारी ओमकार सिन्हा सहित वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, फायर वाचर एवं वन सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।
अभियान को जनसुलभ और प्रभावी बनाने के लिए कला चित्रों, पोस्टरों और पेंटिंग के माध्यम से संरक्षण का संदेश प्रसारित किया गया। वहीं लोकनृत्य प्रस्तुतियों के जरिए सरल भाषा में जागरूकता फैलाई गई, जिससे ग्रामीणों की सहभागिता उल्लेखनीय रही और कार्यक्रम जन-आंदोलन का स्वरूप लेता नजर आया। अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन के सह-संस्थापक सिद्धार्थ द्विवेदी एवं संस्था के स्वयंसेवकों ने छत्तीसगढ़ को प्लास्टिक फ्री बनाने का आह्वान किया। विषय विशेषज्ञ शेफाली यादव ने जैव विविधता पर विस्तृत जानकारी देते हुए जंगल में सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के संदेश को सशक्त करने हेतु वृक्षारोपण भी किया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर वन-संरक्षण और जैव विविधता बचाने का संकल्प लिया।
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