छत्तीसगढ़

फटाका विवाद से बढ़ी मारपीट, महिला और बेटे पर जानलेवा हमला

Shantanu Roy
22 Nov 2025 9:59 PM IST
फटाका विवाद से बढ़ी मारपीट, महिला और बेटे पर जानलेवा हमला
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के संतोषी नगर इलाके में दिवाली के बाद भी पटाखा जलाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया। पीड़ित महिला ने एक महीने बाद थाना पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कई पड़ोसियों पर हमला करने, गाली-गलौज और पत्थरबाजी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, पीड़िता संतोषी नगर निवासी गृहणी ने बताया कि 22 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9 बजे जब वह अपने घर पर मौजूद थीं, तभी उनके पड़ोसी खिलेन्द्र साहू, संजना साहू और हेमा विश्वकर्मा पास स्थित मुकेश किराना स्टोर, जोगी नगर के सामने पटाखे फोड़ रहे थे। उसी दौरान एक फटाका छत पर जा गिरा और उनके बेटे यश कुमार साहू के हाथ में फट गया, जिससे उसके हाथ में गंभीर जलन हो गई।

बेटे को चोट लगने पर पीड़िता ने पड़ोसियों को पटाखे फोड़ने से मना किया। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि थोड़ी देर बाद धनेश्वरी साहू और सेवती विश्वकर्मा मौके पर पहुंचीं और पीड़िता को गंदी-गंदी गालियां देने लगीं। महिला के अनुसार, दोनों ने उसे मां-बहन की गाली देकर जान से मारने की धमकी दी, फिर बाल पकड़कर हाथ-मुक्कों से मारपीट की। घटना के दौरान स्थिति और बिगड़ गई जब मोहल्ले का युवक छोटू ध्रुव कथित रूप से पीड़िता के घर पर पत्थर फेंकने लगा, जिनमें से एक पत्थर उसके बेटे यश को जाकर लगा। इससे उसके दाहिने हाथ और कोहनी पर चोट आई। पीड़िता ने बताया कि मारपीट और गाली-गलौज की पूरी घटना उसके ससुर उत्तम कुमार साहू और पति मुकेश ने देखी और सुनी। लेकिन तबियत खराब होने की वजह से वह तुरंत थाने नहीं जा सकीं।

आखिरकार, 22 नवंबर 2025 को वह थाना पहुंचीं और लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने थाना पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि पड़ोसियों का यह व्यवहार न केवल खतरनाक था बल्कि उन्होंने जानबूझकर बच्चे को नुकसान पहुंचाया और महिला के साथ अभद्रता व हिंसा की। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिवाली के बाद भी कई जगह पटाखे फोड़ने जैसी गतिविधियां जारी थीं, जिनसे दुर्घटना और विवाद की आशंका बढ़ी थी। अब पीड़िता के आवेदन के बाद पुलिस मामले की जांच शुरू करेगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि त्योहारी सीजन में अनियंत्रित पटाखे फोड़ना किस तरह घरेलू हिंसा और पड़ोसियों के बीच तनाव का कारण बन सकता है। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में है, जबकि आरोपी पक्ष पर पुलिस द्वारा जल्द ही कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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