छत्तीसगढ़

राज मोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में लगी आग

Shantanu Roy
3 Aug 2025 10:01 PM IST
राज मोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में लगी आग
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Ambikapur. अंबिकापुर। नगर के प्रतिष्ठित शासकीय राज मोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में रविवार को दोपहर अचानक आग लग गई, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) मनीष मिश्रा तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ऑडिटोरियम के भीतर उठता दिखा धुआं, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू
स्थानीय लोगों और छात्रों के अनुसार, रविवार दोपहर कॉलेज परिसर से धुएं का गुबार उठता देखा गया। पास के दुकानदारों और कॉलेज के कुछ छात्रों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी। सूचना के कुछ ही मिनटों बाद दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि आग ने अधिक फैलाव नहीं लिया, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि, ऑडिटोरियम की दीवारों, इलेक्ट्रिक फिटिंग और कुछ फर्नीचर को नुकसान पहुंचा है।
एसडीएम ने जताई कड़ी नाराजगी, ड्यूटी पर नहीं था कोई कर्मचारी
एसडीएम मनीष मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि घटना के समय कॉलेज परिसर में कोई भी कर्मचारी या सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए कहा कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था। एसडीएम ने कहा, "ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान में अव्यवस्था और लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।"
महाविद्यालय प्रबंधन ने जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला
जब प्रशासनिक अधिकारियों ने इस विषय में कॉलेज प्रबंधन से जवाब मांगा, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑडिटोरियम भवन अभी तक विधिवत रूप से कॉलेज को हैंडओवर नहीं किया गया है। इसी आधार पर उन्होंने ऑडिटोरियम की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि चूंकि बिल्डिंग निर्माण एजेंसी के अधीन है, इसलिए उसका रखरखाव और सुरक्षा भी उसी की जिम्मेदारी है। हालांकि, प्रशासन ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए इसे जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश बताया है। जिला प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि जब तक किसी परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ होती हैं, तब तक उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की भी जवाबदेही होती है।
शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मौके पर पहुंचे विद्युत विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भवन में वायरिंग पूरी तरह चालू थी, लेकिन मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसी स्पष्ट एजेंसी को नहीं सौंपी गई थी। इस घटना ने शासकीय शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। छात्र संगठनों ने भी कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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