छत्तीसगढ़
वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने सुशासन वाटिका में किया पौधारोपण
Shantanu Roy
8 Jun 2025 10:22 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। राज्य शासन द्वारा नीति निर्माण और शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और सहभागी बनाने के उद्देश्य से नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) में शुरू हुए दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 2.0’ का शुभारंभ आज हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने 'सुशासन वाटिका' में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मौलश्री का पौधा रोपा। पौधरोपण कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि ‘‘सुशासन की मजबूत नींव तभी रखी जा सकती है जब हम समाज, प्रकृति और नागरिकों के हितों को एक साथ जोड़कर चलें। यह पौधा न केवल पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक है, बल्कि हमारे सुशासन की उस जड़ों की ओर भी संकेत करता है, जो जनकल्याण के लिए पोषक और स्थायी होनी चाहिए।’’
🌿 मौलश्री: संस्कृति, सौंदर्य और औषधीय गुणों का संगम
मौलश्री (जिसे 'मिमूसॉप्स एलोंगी' भी कहा जाता है) एक सदाबहार वृक्ष है, जो भारत समेत दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में पाया जाता है। यह अपने घने पत्तों, मधुर-सुगंधित फूलों और छायादार स्वरूप के कारण शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय है। औषधीय दृष्टि से भी यह वृक्ष अत्यंत लाभकारी माना जाता है-विशेषकर इसके पत्ते, फूल और छाल कई आयुर्वेदिक उपचारों में उपयोग होते हैं। धार्मिक दृष्टि से भी मौलश्री को शुभ और पवित्र वृक्ष माना गया है।
आज भारतीय प्रबंध संस्थान, नवा रायपुर में आयोजित ‘चिंतन शिविर 2.0’ के पहले दिन ‘सुशासन वाटिका’ में मौलश्री का पौधा रोपा।
— OP Choudhary (@OPChoudhary_Ind) June 8, 2025
मौलश्री एक ऐसा सदाबहार पौधा है जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से भारत, श्रीलंका और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। यह अपनी सुगंधित फूलों, घनी… pic.twitter.com/i2j13Z295c
🧩 चिंतन शिविर: सुशासन की दिशा में गहन विमर्श
‘चिंतन शिविर 2.0’ में राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, नीति निर्माताओं और विभिन्न विभागों के प्रमुखों ने भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य शासन के विभिन्न पहलुओं पर सामूहिक रूप से मंथन कर जनहित केंद्रित और नवाचारी योजनाओं का निर्माण करना है। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “यह शिविर हमें एक ऐसा मंच देता है, जहां हम केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि नई दृष्टि और सोच के साथ भविष्य की रूपरेखा भी तैयार कर सकते हैं। पौधरोपण के जरिए हम एक स्थायी विकास मॉडल की ओर संकेत कर रहे हैं, जिसमें प्रकृति और प्रगति दोनों का सामंजस्य है।”
📍 सुशासन वाटिका: चिंतन का प्रतीक स्थल
आईआईएम परिसर में विशेष रूप से तैयार की गई ‘सुशासन वाटिका’ उन विचारों और मूल्यों का मूर्त रूप है, जिन पर शासन प्रणाली को टिकाऊ और मानवीय बनाना है। इस वाटिका में विभिन्न पौधे रोपे जा रहे हैं, जो प्रतीकात्मक रूप से शासन की विभिन्न नीतियों — जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास — का प्रतिनिधित्व करते हैं।
🌱 प्राकृतिक संरक्षण को लेकर व्यापक संदेश
पौधरोपण के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार न केवल आर्थिक विकास बल्कि हरित विकास की दिशा में भी अग्रसर है। “हर पौधा एक उम्मीद है, एक जीवन है और एक बदलाव का बीज है,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में सुशासन वाटिका को एक प्रेरणादायी स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां छात्र, अधिकारी और आमजन पर्यावरण और शासन के समन्वय को साकार होते देख सकेंगे।
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