छत्तीसगढ़

रामजीलाल अग्रवाल की पगड़ी रस्म में शामिल हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी, भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित

Shantanu Roy
5 Jun 2025 11:11 PM IST
रामजीलाल अग्रवाल की पगड़ी रस्म में शामिल हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी, भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज एक भावुक वातावरण के बीच वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय रामजीलाल अग्रवाल जी की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उपस्थित होकर स्व. रामजीलाल अग्रवाल जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय रामजीलाल अग्रवाल जी न केवल रायपुर बल्कि पूरे प्रदेश में समाजसेवा, सादगी और कर्तव्यपरायणता के लिए जाने जाते थे। वे छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता एवं
वर्तमान
सांसद बृजमोहन अग्रवाल जी के पूज्य पिताजी थे। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण से भरा हुआ था। पगड़ी रस्म में प्रदेशभर से सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य जन उपस्थित रहे।


वित्त मंत्री ओपी चौधरी का श्रद्धांजलि संदेश
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने श्रद्धांजलि सभा में कहा "स्वर्गीय रामजीलाल अग्रवाल जी एक सच्चे कर्मयोगी, परोपकारी और जनसेवा में समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका जीवन हम सभी के लिए एक प्रेरणास्रोत है। वे जिस तरह से समाज और परिवार के लिए खड़े रहे, वह अनुकरणीय है। हम सभी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार को यह असीम पीड़ा सहने की शक्ति दें।" वित्त मंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया और कहा कि "इस क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन उनके दिखाए मार्ग और मूल्यों पर चलकर हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।"

श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
पगड़ी रस्म एवं शोकसभा में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता, व्यापारी संघ के प्रतिनिधि, अधिवक्ता, पत्रकार, उद्योगपति और स्व. रामजीलाल जी के निकट संबंधी उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उनके प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। शोकसभा के दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया और बताया कि कैसे वे हमेशा जरूरतमंदों के लिए खड़े रहते थे। उनके दरवाजे समाज के हर वर्ग के लिए खुले रहते थे। वे जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर मानवता की सेवा में विश्वास रखते थे।
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