छत्तीसगढ़
फर्जी दस्तावेजों से फाइनेंस खेल का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
17 Sept 2026 8:23 PM IST

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Durg. दुर्ग। जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में सामने आए फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी अन्य लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर मोबाइल, एसी सहित इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराते थे और बाद में उन सामानों को संबंधित व्यक्ति को देने के बजाय सेकंड हैंड बाजार में बेच देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर करते थे फाइनेंस
पुलिस के अनुसार पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में दर्ज फाइनेंस धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी दूसरे लोगों के नाम और पहचान संबंधी दस्तावेजों का उपयोग कर विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराते थे। फाइनेंस प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान संबंधित व्यक्ति को नहीं दिया जाता था। इसके बाद आरोपी मोबाइल, एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को सेकंड हैंड बाजार में बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। इस पूरे मामले में सामान नहीं मिलने के बावजूद फाइनेंस की किस्त भरने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति पर बनी रहती थी।
पहले तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें ऋषभ शर्मा (26 वर्ष) निवासी केलाबाड़ी, दुर्ग, दीपेश जोशी (21 वर्ष) निवासी पुरानी पुलिस लाइन, गंजपारा, दुर्ग, दुर्गेश गुप्ता (26 वर्ष) निवासी मान होटल, शंकर निवास, कोतवाली दुर्ग शामिल हैं। इनसे पूछताछ और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर दो अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई।
दो नए आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
विवेचना के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए। मिहिर रंजन रॉय (25 वर्ष) निवासी चौहान टाउनशिप, स्मृति नगर, भिलाई शेखर देशमुख (27 वर्ष) निवासी केलाबाड़ी, दुर्ग को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस तरह करते थे वारदात
पुलिस जांच में आरोपियों का तरीका सामने आया है। आरोपी अन्य लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फाइनेंस सुविधा प्राप्त करते थे।
इसके बाद फाइनेंस कराए गए सामान को संबंधित व्यक्ति को नहीं देकर उसे बाजार में बेच देते थे। फाइनेंस की किस्तों का भुगतान नहीं करने से संबंधित व्यक्ति को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा विभिन्न फाइनेंस प्रतिष्ठानों, मॉल और बाजार क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया गया।
मोबाइल और दस्तावेज जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से:
सैमसंग कंपनी का एक मोबाइल फोन
बैंक खातों से संबंधित पासबुक
मामले से जुड़े अन्य दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस आगे भी मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपने नाम, पहचान संबंधी दस्तावेज, बैंक खाता या निजी जानकारी का इस्तेमाल फाइनेंस अथवा अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए न करने दें।
पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि या दस्तावेजों के दुरुपयोग की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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