छत्तीसगढ़

किसानों की जरूरत के अनुसार उर्वरक वितरण, छोटे किसानों को एकमुश्त मिलेगा स्टॉक

Shantanu Roy
31 May 2026 8:28 PM IST
किसानों की जरूरत के अनुसार उर्वरक वितरण, छोटे किसानों को एकमुश्त मिलेगा स्टॉक
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छग
Raigarh. रायगढ़। खरीफ 2026 सीजन को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों की खेती संबंधी जरूरतों को देखते हुए सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा उनकी आपूर्ति सुचारु रूप से जारी है। संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ द्वारा उर्वरक वितरण के लिए निर्धारित मापदंड भी जारी कर दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार छोटे किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपलब्ध उर्वरक एक ही किश्त में प्रदान किया जाएगा, जबकि मझोले एवं बड़े किसानों को उर्वरकों का वितरण दो या तीन किश्तों में किया जाएगा। इस व्यवस्था से अधिकतम किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंच सुनिश्चित होगी तथा किसी भी किसान को खेती के महत्वपूर्ण समय में पोषक तत्वों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। फसल पोषण के लिए वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में कृषि विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामों में नील-हरित शैवाल का इनॉकुलेशन कराया गया है। यह कार्य फील्ड आरएईओ के मार्गदर्शन में कृषि संगवारी एवं कृषि सखियों के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस नवाचार का निरीक्षण संयुक्त संचालक कृषि एवं उप संचालक कृषि द्वारा भी किया गया, जिन्होंने इसकी सफलता पर संतोष व्यक्त किया। विभाग का मानना है कि आने वाले समय में नील-हरित शैवाल यूरिया के एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभर सकता है। इसके साथ ही किसानों को हरी खाद के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ढैंचा एवं मूंग के संयोजन को किसानों को आधी दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार हरी खाद के प्रयोग से भूमि की उर्वरता बढ़ेगी तथा यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आएगी।
रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ निजी विक्रेताओं के माध्यम से भी की जा रही है। विभाग द्वारा उर्वरकों के परिवहन, भंडारण एवं वितरण पर सतत निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण दल विभिन्न उर्वरक केंद्रों पर नियमित जांच एवं छापेमारी की कार्रवाई कर रहे हैं ताकि कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। वहीं, किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए एग्रीस्टैक आईडी बनाने का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। इस पहल से किसानों का केंद्रीकृत डाटा तैयार होगा, जिससे उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। कृषि विभाग द्वारा 1 जून से 15 जून तक राज्य के ग्रामों में खेत बचाओ अभियान भी संचालित किया जाएगा। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय विशेषज्ञों द्वारा किसानों के साथ संवाद स्थापित कर प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, फसल प्रबंधन तथा अन्य कृषि विषयों पर जानकारी साझा की जाएगी।
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