छत्तीसगढ़
महिला सरपंच ने कीटनाशक पीकर की आत्महत्या की कोशिश, मचा हड़कंप
Shantanu Roy
2 Nov 2026 3:17 PM IST

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छग
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक महिला सरपंच के आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने आया है। गुंडरदेही ब्लॉक की ग्राम पंचायत सियनमरा की सरपंच मंजू महिलांग (साहू) ने कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक दबाव से परेशान होकर कीटनाशक पी लिया। घटना 31 अक्टूबर की रात सनौद थाना क्षेत्र की है। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। महिला सरपंच ने पंचायत के उपसरपंच और कुछ पंचों पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और पद छोड़ने के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद पंचायत व्यवस्था में महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान, अधिकार और कथित जातिगत भेदभाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने महिला सरपंच का बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
छह महीने पहले उपचुनाव में बनी थीं सरपंच
जानकारी के मुताबिक, मंजू महिलांग करीब छह महीने पहले ग्राम पंचायत सियनमरा में हुए उपचुनाव में सरपंच निर्वाचित हुई थीं। उनका आरोप है कि सरपंच बनने के बाद से ही उन्हें पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों के विरोध और अपमान का सामना करना पड़ रहा था। आरोपों के मुताबिक, उपसरपंच और कुछ पंच लगातार उन पर दबाव बना रहे थे। महिला सरपंच ने बताया कि पंचायत के भीतर उन्हें सम्मानजनक व्यवहार नहीं मिलता था। यहां तक कि पंचायत कार्यालय में सरपंच की कुर्सी पर बैठने को लेकर भी कथित तौर पर आपत्ति जताई जाती थी। उनका आरोप है कि जाति के आधार पर उन्हें अपमानित किया जाता था और सरपंच पद छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
3.50 लाख रुपये के पुराने कर्ज को लेकर विवाद
इस पूरे मामले में पंचायत के पुराने कर्ज का मुद्दा भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच पंचायत पर करीब 3 लाख 50 हजार रुपये का कर्ज छोड़ गए थे। मंजू महिलांग का आरोप है कि इस राशि को चुकाने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। महिला सरपंच के मुताबिक, उपसरपंच और कुछ पंच उनसे पुराने कर्ज का भुगतान करने की मांग कर रहे थे। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि, पंचायत पर बकाया राशि की वास्तविक स्थिति और उसके भुगतान की जिम्मेदारी किसकी है, यह जांच का विषय है। इसके लिए पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड, पुराने भुगतान और बकाया राशि से संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी होगी। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पूर्व कार्यकाल के कर्ज को लेकर नए निर्वाचित सरपंच पर किस आधार पर दबाव बनाया जा रहा था।
जातिगत अपमान और पद छोड़ने के दबाव का आरोप
मामले का दूसरा गंभीर पहलू कथित जातिगत भेदभाव से जुड़ा है। मंजू महिलांग ने आरोप लगाया है कि सरपंच बनने के बाद से ही उन्हें जाति के आधार पर निशाना बनाया जा रहा था। बताया गया है कि उन्होंने रिकेश साहू से अंतरजातीय विवाह किया है। पंचायत का सरपंच पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण वह उपचुनाव में निर्वाचित हुई थीं। आरोप है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें पंचायत कार्यालय में उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा था। सरपंच की कुर्सी पर बैठने को लेकर आपत्ति जताने और पद छोड़ने के लिए दबाव बनाने जैसी बातें भी उनके आरोपों में शामिल हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर दर्ज किया बयान
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर महिला सरपंच का बयान दर्ज किया है। सनौद थाना प्रभारी सोनसिंह सोरी के अनुसार, सूचना मिलने पर वह रविवार को गांव पहुंचे थे, लेकिन महिला के घर पर ताला लगा हुआ था। ग्रामीणों से भी घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल में महिला सरपंच का बयान दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। अब पुलिस आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ करने के साथ पंचायत के वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल कर सकती है।
जांच से स्पष्ट होगा पूरा मामला
यह घटना केवल महिला सरपंच के आत्महत्या के प्रयास तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायतों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े गंभीर सवाल भी उठाती है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पुराने कर्ज को लेकर किस तरह का दबाव बनाया गया और जातिगत अपमान के आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल महिला सरपंच का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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