छत्तीसगढ़

धमतरी में 3 साल के मासूम की हत्या मामले में पिता को उम्रकैद

Shantanu Roy
19 Aug 2026 7:02 PM IST
धमतरी में 3 साल के मासूम की हत्या मामले में पिता को उम्रकैद
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छग
Dhamtari. धमतरी। जिले के दुगली थाना क्षेत्र में तीन वर्षीय मासूम की हत्या के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषी पाया गया। मामले में धमतरी पुलिस की कार्रवाई और साक्ष्यों के बेहतर संकलन की अहम भूमिका रही। जानकारी के अनुसार, थाना दुगली कौहाबाहरा क्षेत्र के ग्राम आमदी में 19 मई 2025 को तीन वर्षीय मासूम की हत्या की घटना सामने आई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुगली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 19/2025 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को एकत्रित किया। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही घटनास्थल से मिले भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से जुटाया गया। जांच के दौरान आरोपी संजय कुमार मरकाम, पिता चिंताराम मरकाम, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम आमदी, थाना दुगली कौहाबाहरा की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आरोपी को 20 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए लोहे के टंगिया (कुल्हाड़ी) और खून लगे कपड़ों को बरामद कर विधिवत जब्त किया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 21 जुलाई 2025 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई और 4 सितंबर 2025 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष महत्वपूर्ण दस्तावेज, साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
मामले की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश धमतरी नमिता मिंज भास्कर के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी संजय कुमार मरकाम को दोषी माना। इसके बाद 11 अगस्त 2026 को आरोपी को आजीवन कारावास सहित अन्य दंड से दंडित किया गया। इस पूरे मामले में विवेचक सहायक उप निरीक्षक प्रकाश नाग की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने घटनास्थल से लेकर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने तक पूरी जांच को प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया। उनके द्वारा साक्ष्यों का सही तरीके से संकलन और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए जाने से आरोपी को सजा दिलाने में मदद मिली। धमतरी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने इस मामले में उत्कृष्ट विवेचना के लिए सहायक उप
निरीक्षक
प्रकाश नाग की सराहना की है। उन्होंने घोषणा की है कि बेहतर जांच और कर्तव्यनिष्ठ कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। धमतरी पुलिस ने कहा कि गंभीर और जघन्य अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और प्रभावी अभियोजन पर लगातार काम किया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
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