छत्तीसगढ़

बेटे की मौत के सदमे में पिता ने भी तोड़ा दम, गांव में शोक का माहौल

Shantanu Roy
30 May 2026 8:41 PM IST
बेटे की मौत के सदमे में पिता ने भी तोड़ा दम, गांव में शोक का माहौल
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Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक बेहद दर्दनाक और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बेटे की अचानक मौत का सदमा पिता सहन नहीं कर सके और कुछ ही घंटों बाद उनकी भी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और एक ही परिवार में दो मौतों से माहौल गमगीन हो गया। जानकारी के अनुसार, चौखड़ियापारा निवासी मांगीलाल शर्मा (उम्र 80 वर्ष) के पुत्र चंद्रप्रकाश शर्मा (उम्र 45 वर्ष) का शुक्रवार देर रात अचानक निधन हो गया। बेटे की मौत की खबर जैसे ही पिता मांगीलाल शर्मा को मिली, वे गहरे सदमे में चले गए। परिजनों के अनुसार, सदमे के कारण उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और कुछ ही समय बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
एक ही रात में पिता और पुत्र की मौत की खबर से पूरे आजाद चौक व्यापारिक क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को जब इस घटना की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग शोक व्यक्त करने उनके निवास स्थान चौखड़ियापारा पहुंचे। बताया जा रहा है कि मांगीलाल शर्मा लंबे समय से गौशाला रोड क्षेत्र में दाल-सीरा बेचने का व्यवसाय करते थे और अपने सरल एवं मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र में काफी सम्मानित थे। उनके निधन और पुत्र की एक साथ मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध रह गया।
शनिवार सुबह दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया। इस दौरान पूरा माहौल अत्यंत भावुक हो गया और मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के समय परिवार के सदस्यों ने अंतिम रस्में निभाईं। परंपरा के अनुसार, पिता मांगीलाल शर्मा को उनके पुत्र राजा शर्मा ने मुखाग्नि दी, जबकि पुत्र चंद्रप्रकाश शर्मा को उनके छोटे भाई अनुज शर्मा ने मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। एक ही चिता पर पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार होने से वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया।
इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक दुर्लभ और हृदय विदारक घटना है, जो लंबे समय तक लोगों के मन में बनी रहेगी। व्यापारिक क्षेत्र के लोगों ने बताया कि मांगीलाल शर्मा अपने व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी सक्रिय रहते थे और हर किसी से अच्छे संबंध रखते थे। उनके निधन के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि पारिवारिक संबंधों में गहरा भावनात्मक जुड़ाव किस तरह जीवन को प्रभावित कर सकता है। एक साथ पिता और पुत्र की मौत ने पूरे राजनांदगांव को शोक में डुबो दिया है।
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