छत्तीसगढ़

महासमुंद कृषि विज्ञान केन्द्र में किसान संगोष्ठी और 21वीं किस्त का कार्यक्रम सम्पन्न

Shantanu Roy
19 Nov 2025 11:07 PM IST
महासमुंद कृषि विज्ञान केन्द्र में किसान संगोष्ठी और 21वीं किस्त का कार्यक्रम सम्पन्न
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Mahasamund. महासमुंद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोयंबटूर, तमिलनाडु से देशभर के किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र, महासमुंद में किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत में वृद्धि, मिट्टी की उर्वरता में कमी और भूमिगत जल स्तर में गिरावट जैसी चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक और सतत खेती के महत्व के बारे में जागरूक किया। प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में यह भी बताया कि देश का कृषि निर्यात पिछले वर्षों में दोगुना हुआ है और किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजनांतर्गत 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। महासमुंद जिले के कुल 1,26,234 कृषकों को इस 21वीं किस्त में 25.25 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। कृषि विज्ञान केन्द्र, महासमुंद में आयोजित इस प्रसारण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भलेसर के सरपंच सेवाराम कुर्रे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती पूजन और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के गीत से की गई। कृषक संगोष्ठी के दौरान किसानों को कृषि की उन्नत तकनीकों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर एफ.आर. कश्यप, उप संचालक कृषि, महासमुंद; भीमराव घोड़ेसवार, सहायक भूमि संरक्षण; अधिकारी गणेश्वरी बंजारे, अनुविभागीय कृषि अधिकारी; अभिषेक शर्मा और योगेश चंद्राकर, कृषि अधिकारी; डॉ. आर.एल. शर्मा, प्रमुख/वरिष्ठ वैज्ञानिक; डॉ. साकेत दुबे, विषय विशेषज्ञ (उद्यानिकी); डॉ. कुणाल चन्द्राकर, विषय विशेषज्ञ (मृदा विज्ञान); इंजि. रविश केशरी, विषय विशेषज्ञ (जल एवं मृदा अभियांत्रिकी); डॉ. पुनिथा कार्तिकेयन, प्रोग्राम सहायक; कमलकांत लोधी, प्रक्षेत्र प्रबंधक उपस्थित रहे। उपस्थित किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्र के विभिन्न प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया गया, जिनमें पोषण बाड़ी, मातृ फलोद्यान अजोला
उत्पादन
इकाई, दुग्ध उत्पादन इकाई और बटेर पालन इकाई शामिल हैं। किसानों ने इन इकाइयों के संचालन, तकनीकी पहलुओं और लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में सरपंच सेवाराम कुर्रे ने किसानों को फलदार पौधों का वितरण किया। किसानों की बड़ी संख्या में उपस्थिति के कारण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ और किसानों में उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इस कार्यक्रम से किसानों को न केवल वित्तीय लाभ मिला बल्कि उन्हें उन्नत कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती अपनाने के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त हुई।
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