
फर्जी संगठन चुनाव करा रही कांग्रेस
रसूखदारों को तवज्जों दी जा रही
बिल्डर, भू माफिय़ा, सट्टा, फार्म हाउस औऱ नंगी पार्टी कराने वाले माफिय़ा बढ़ा रहे है कांग्रेस का फंड
कांग्रेस की राति-नीति को फर्जी कांग्रेसियों ने कर लिया है हाईजेक, असली घर बैठे
कांग्रेस की लुटिया डुबाने वाले कांग्रेस के बन गए है खैरख्वाह, पैसा दो पद पाओ
रायपुर (जसेरि)। देश में कांग्रेस प्रचार करती है, वोट चोरी हो रहा है, कभी ईवीएम में गड़बड़ी कभी चुनाव हाईजेक हो गया तरह तरह के चुनाव पर सवाल विभिन्न माध्यमों से करते आ रही है, लेकिन अपना ही आंतरिक चुनाव पूरी तरीके से फर्जी बेबुनियाद कांग्रेस संगठन को छोडक़र माफियों के हाथों बनाया जा रहा है, कांग्रेस का संगठन चुनाव पूरी तरह से फर्जी लोगों को तवज्जों दी जा रही है औऱ पुराने कार्यकर्ता निष्ठावान कार्यकर्ताओं के मायूस होकर घर बैठने की ख़बर आ रही है, वहीं बिल्डर माफिय़ा, भू माफिय़ा, सट्टा माफिय़ा, फार्म हाउस माफिय़ा, नंगी पार्टी कराने वाले माफिय़ा अपने-अपने गुर्गों को पैसे के बल पर दावेदार खड़े कर दिए है। फर्जी कांग्रेसी पार्टी में अपने-अपने जिले में जिलाध्यक्ष बनाने में क़ामयाब हों जाएंगे। उसी तर्ज़ गए फर्जी तरीक़े से कांग्रेस का संगठन चुनाव अभियान चल रहा है और हमारी ख़बर सच निकल रही है।
चुनाव मात्र औपचारिकता : कांग्रेस का संगठन चुनाव मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है कांग्रेस के अधिकांश कार्यकर्ता जो कांग्रेस की रीढ़ की हड्डी थे वे मायूस होकर घर बैठ गए है पैसा बाहुबल, माफिय़ा गिरी के आगे उनकी कुछ भी नहीं चल रही है। कांग्रेस के कुछ माफिय़ा नेताओं ने पूरे चुनाव को अपने हाथ में लेकर फर्ज़ी तरीक़े से निष्पादन कराने का प्लान बनाया है और सफल भी हो गए है। देखा गया है कि सामाजिक संगठनों से अपने ही ख़ास और कऱीबी सामाजिक संगठन और नौकर जो अलग-अलग संगठन में फर्जी लेटर पेड के माध्यम से संगठन के प्रमुख बने हुए है। कुछ इसी तरीक़े से डॉक्टरों, वकीलों को अपने अपने रिश्तेदारों को दिल्ली से आए ऑब्ज़र्वर के साथ मुलाक़ात कराई गई और कांग्रेस संगठन को गुमराह किया गया ।
कांग्रेस में माफिया राज : पूरे चुनाव को फर्जी तरीक़े से पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी में घुसपैठ करने वाले नेता वर्तमान में संचालित कर रहे है इससे तो पुराना ही सिस्टम संगठन चुनाव का बेहतर था । इस तरह की हठधर्मिता फर्जी कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कर रहे हैं। ये पूरी तरीक़े से माफिय़ा चुनाव है और पूरी तरह फर्जी है इसकी शिकायत विभिन्न स्तरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने और नेताओं ने अपने अपने स्तर पर की है आगे अब देखना है कि फर्जी माफिय़ाओं का चुनाव को कांग्रेस पार्टी किस तरीक़े से देखती है। ग़ौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी देश में अलग अलग नारा देकर मतदाताओं को रिझाने का कार्य करती है लेकिन अब नहीं पार्टी में पूरा चुनाव फर्जी हो रहा है और माफिय़ाओं के हाथ में है उसका ध्यान या संज्ञान नहीं ले रही है। ये गज़़ब का संयोग है कि कांग्रेस संगठन चुनाव हमेशा फर्ज़़ी तरीक़े से होते हैं और अलग अलग फर्जी तरीक़ा अपनाया जाता रहा है।
बिहार चुनाव के बाद जारी होगी कांग्रेस जिलाध्यक्षों की लिस्ट
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चल रहा संगठन सृजन अभियान अब अंतिम चरण में है। राज्य के लगभग 80त्न जिलों में चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष जिलों में दीपावली तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, जिलाध्यक्षों की सूची अब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद ही जारी हो पाएगी। दो अहम बैठकें, रायपुर के दावेदारों से सीधे चर्चा संगठन सृजन अभियान को लेकर कांग्रेस में आज दो महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। पहली बैठक ऑनलाइन थी, जिसमें एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पीसीसी चीफ दीपक बैज और सभी पर्यवेक्षक शामिल हुए। इसमें प्रदेशभर में चल रहे संगठन सृजन अभियान की समीक्षा की गई। दूसरी बैठक में रायपुर शहर के दावेदारों के साथ पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गडाधे ने सीधी चर्चा की। उन्होंने दोपहर तक अलग-अलग दावेदारों से मुलाकात कर उनकी पृष्ठभूमि, पार्टी में अब तक निभाई गई भूमिका और आपराधिक रिकॉर्ड जैसे विषयों पर जानकारी ली। एक दिन पहले वे रायपुर ग्रामीण के दावेदारों और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों से भी मिल चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षक प्र्रफुल्ल गुडधे पाटिल द्वारा रायपुर शहर के अध्यक्ष पद हेतु छह संभावित नामों का पैनल बनाया गया है।
सुबोध हरितवाल, श्रीफुमार मेनन, प्रीति उपाध्याय शुक्ला, शारिक रहीस ख़ान। संगठन चुनाव का सिर्फ एक बहाना है। कुल मिलाकर कांग्रेस की परंपरा के अनुसार 26 दिसंबर के बाद कभी भी प्रदेश के सभी जिलाधिशों की सूची पर दिल्ली में बड़े नेताओं की बैठक होने के उपरांत प्रदेश के बड़े नेताओं की रायसुमारी को ध्यान में रखते हुए सूची जारी होने की संभावना है। हो सकता है कि मकरसंक्रांती 14 जनवरी के बाद कभी भी हो सकती है। कारण अभी दिवाली छुट्टी फिर क्रिसमस उसके पहले बिहार चुनाव की हार की समीक्षा और गम का वातावरण होने के कारण सुचारू रुप से आल इंडिया कांग्रेस कमेटी अपने कार्यलय से नियमित संचालित होगी।





