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भ्रष्ठ आबकारी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का कारनामा, मूल छत्तीसगढ़ियों के साथ सौतेला व्यवहार
आबकारी विभाग का अजीबो-गरीब कारनामा, आशीष सिंह और वैभव मित्तल कांग्रेस शासनकाल काल से रायपुर में एडीओ मलाईदार पद में पदस्थ
शराब घोटाला कांग्रेस शासन में 2161 करोड़ आरोपी क्रं. 20 आशीष श्रीवास्तव विभाग में मनमानी कर रहा राज्य सरकार को बदनाम
आबकारी अमला के गैर छत्तीसगढ़िया अधिकारी कर रहे छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का शोषण
छत्तीसगढ़ के निरीह और गरीब अधिकारियों को बनाया जा रहा टारगेट
दूसरे राज्यों के गैर छत्तीसगढ़िया पदस्थ रसूखदार अधिकारियों कर्मचारियों को लूट की छूट
आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन, तीन अधिकारी सस्पेंड, छत्तीसगढ़िया होने की मिली सजा
रायपुर (जसेरि)। आबकारी विभाग में आह और वाह की रणनीति पर काम हो रहा है। इश खेल में बड़े -बड़े रसूखदार पैसे वाले नेता टाइप कारोबारी दूसरे राज्यों से आकर विभाग में बड़े -बड़े पदों पर अधिकारियों की भूमिका निभा रहे उनके संरक्षण में कमाई का खेल चल रहा है। जिसका खामियाजा छत्तीसगढ़ियों को बुगतना पड़ रहा है। पूरे प्रदेश में आबकारी विभाग की दोहरी कार्यशैली का खामियाजा लोकल छत्तीसगढ़िया अधिकारी और कर्मचारियों को भुगतना पड़़ रहा है। जबकि पूरे प्रदेश में बाहरी राज्यों के अधिकारियों के छत्रछाया में ओव्हररेटिंग, अवैध शराब की जमकर बिक्री हो रही है। इस पर जब भी एक्शन होता छत्तीसगढ़ के मूल अधिकारियों और कर्मचािरयों पर ही गाज गिर रही है। औऱ इस ओव्हर रेटिंग और अवैध शराब का सिंडीकेट चला रहे दूसरे राज्यों केगैर छत्तीसगढ़ियां अधिकारियों को आबकारी विभाग ने खुली लूट की छूट दे रखी है। कांकेर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, भाटापारा, तिल्दा, सिलियारी सरगुजा, बिलासपुर , रायपुर, उरकुरा, खमतराई, टिकरापारा, मोदहापारा, बैरन बाजार, नेहरू नगर पुरानी बस्ती, लाखे नगर, महादेव घाट, रसोना सहित दुर्ग राजनांदगाव, डोंगरगढ़ में ओव्हर रेटिंग और अवैध शराब की बिक्री करवाने वाले बाहरी राज्यों के अधिकारी पूरी तरह सुरक्षित होकर कमाई करने में जुटे हुए है। इसके पीछे रसूखदार राजनीतिक लोगों का संरक्षण और कमाई के कारोबार में पार्टनरशिप की भूमिका का निभाने वाले अधिकारी अधाधुंध कमाई कर सरकार की आबकारी नीति की धज्जियां उड़ा रहे है। आबकारी विभाग के अधिकारी छत्तीसगढ़िया मूल के गरीब औऱ निरीह अधिकारियों को सस्पेंड कर वाहवाही लूट रहे है। इस तरह आबकारी विभाग में दोहरी नीति का डंडा चल रहा है जिसमें मूल छत्तीसगढ़िया अधिकारियों जानबूझकर टारगेट बड़े अधिकरी बना रहे है।
आबकारी विभाग ने स त कार्रवाई : प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने स त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की क पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया : राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की क पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। विक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुन: खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई। इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण : विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मु यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छग) निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई : इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मु यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी : महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद
इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। जब्त सामग्री में 30 नग पौवा ज मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की सं या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस शासनकाल के समय से शराब घोटाले के फार्मूले को पूरे प्रदेश में अबकारी विभाग के आरोपी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में इसी तरह का कारनामा लगातार कर रहे हैं। शराब घोटाले के 20नंबर के आरोपी आशीष श्रीवास्तव आबकारी विभाग में अपना वचस्व बरकार रख मनमानी कर रहे हैं।यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है।
उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मु यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
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