छत्तीसगढ़
शराब बिक्री में गड़बड़ी पर आबकारी विभाग सख्त, दो अफसरों को नोटिस
Shantanu Roy
20 Aug 2026 4:11 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब की अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब कारोबार के मामलों को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने लापरवाही बरतने वाले दो आबकारी उपनिरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं पुराने मामले में एसीबी द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद एक आबकारी उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आबकारी विभाग ने शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने और अवैध शराब बिक्री पर नियंत्रण नहीं रखने के मामलों को गंभीरता से लिया है। विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी की कार्रवाई के बाद निलंबन
आबकारी उपनिरीक्षक संतोष कुमार नारंग के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को चालान पेश किया था। इसके बाद आबकारी विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पुराने प्रकरण से जुड़ी हुई है। विभाग द्वारा मामले में आगे की प्रक्रिया जारी है।
ओवररेटिंग मामले में नोटिस जारी
वहीं शराब दुकानों में अधिक दर पर शराब बिक्री की शिकायतों को लेकर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने उनसे इस मामले में जवाब मांगा है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि किसी क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
बालोद अवैध शराब बिक्री मामले में कार्रवाई
बालोद जिले में अवैध शराब बिक्री के मामले में निलंबित आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आबकारी आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में शाक्य से सात दिनों के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आशा राम शाक्य तत्कालीन समय में बालोद जिले के गुरूर वृत्त के प्रभारी अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। वर्तमान में वे निलंबित हैं और दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय में संबद्ध हैं।
53 पेटी अवैध शराब जब्ती से हुआ खुलासा
मामले की शुरुआत 25 जुलाई 2026 को धमतरी जिले के अर्जुनी क्षेत्र में हुई कार्रवाई से हुई थी। यहां जांच के दौरान 53 पेटी अवैध देशी और विदेशी मदिरा जब्त की गई थी। जब्त शराब की बोतलों पर लगे होलोग्राम की जांच की गई तो पता चला कि यह शराब बालोद जिले की देशी कंपोजिट मदिरा दुकान अरकार से संबंधित थी। जांच में सामने आया कि निर्धारित बिक्री सीमा से अधिक मात्रा में शराब की अवैध बिक्री की गई थी। आबकारी विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की।
लापरवाही और कमजोर नियंत्रण का आरोप
कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि संबंधित शराब दुकान आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य के गुरूर वृत्त प्रभार क्षेत्र में आती थी। विभाग ने माना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियां उनके क्षेत्र में प्रभावी नियंत्रण नहीं होने और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही को दर्शाती हैं। नोटिस में इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के विपरीत बताया गया है। विभाग ने शाक्य को सात दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया जाता है तो उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि शराब बिक्री में अनियमितता और अवैध कारोबार पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Tagsआबकारी विभाग कार्रवाईशराब ओवररेटिंगअवैध शराब बिक्रीरायपुर आबकारीआबकारी उपनिरीक्षक नोटिसबालोद शराब मामला53 पेटी शराब जब्तीएसीबी चालानछत्तीसगढ़ शराब खबरविभागीय कार्रवाईExcise Department actionliquor overpricingillegal liquor salesRaipur ExciseExcise Sub-Inspector noticeBalod liquor caseseizure of 53 cases of liquorACB chargesheetChhattisgarh liquor newsdepartmental action.
Next Story





