छत्तीसगढ़
नगर पालिका अध्यक्ष घर EOW का छापा, दस्तावेजों की जांच जारी
Shantanu Roy
30 Oct 2026 3:27 PM IST

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छग
Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। कटघोरा में EOW की टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें दोनों स्थानों पर दस्तावेजों की पड़ताल और पूछताछ कर रही हैं। इस कार्रवाई को प्रदेश के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, छापेमारी का वास्तविक कारण क्या है और दोनों ठिकानों पर किस मामले में जांच चल रही है, इसे लेकर EOW की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
नगर पालिका अध्यक्ष के घर पहुंची EOW की टीम
जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी की टीम कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के निवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम ने उनके घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच शुरू की। अधिकारियों की ओर से आर्थिक लेनदेन से संबंधित जानकारियों की पड़ताल किए जाने की भी चर्चा है। नगर पालिका अध्यक्ष के निवास पर जांच एजेंसी की कार्रवाई की खबर सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई। हालांकि, राज जायसवाल के निवास से किसी दस्तावेज या अन्य सामग्री की जब्ती की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी छापा
इसी दौरान EOW की दूसरी टीम ने नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी दबिश दी। दोनों स्थानों पर लगभग एक साथ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जांच अधिकारी दस्तावेजों की जांच करने के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ भी कर रहे हैं। जांच के दौरान किन बिंदुओं पर सवाल किए गए और अधिकारियों को क्या जानकारी मिली, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। एक साथ दो ठिकानों पर हुई इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई के उद्देश्य और निष्कर्ष स्पष्ट हो सकेंगे।
DMF घोटाले से जुड़ी हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, EOW की इस छापेमारी को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए कथित जिला खनिज न्यास घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मामले में DMF फंड के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच चलती रही है। DMF यानी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास तथा कल्याण के लिए धन उपलब्ध कराना है। इस राशि का इस्तेमाल संबंधित नियमों और स्वीकृत योजनाओं के अनुसार किया जाना होता है। कथित घोटाले में आरोप लगाए गए थे कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि का इस्तेमाल नियमों के विपरीत अन्य मदों में किया गया। ऐसे मामलों में खर्च की स्वीकृति, भुगतान और संबंधित कार्यों के दस्तावेज जांच के महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। हालांकि, राज जायसवाल और दिलीप केंवट के ठिकानों पर हुई कार्रवाई का इस कथित घोटाले से सीधा संबंध अभी आधिकारिक तौर पर स्थापित नहीं हुआ है।
पहले भी कई ठिकानों पर हो चुकी है कार्रवाई
DMF से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं के मामले में जांच एजेंसियां पहले भी अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर चुकी हैं। जांच के दौरान विभिन्न अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब कटघोरा में हुई ताजा कार्रवाई के बाद एक बार फिर इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, केवल किसी व्यक्ति के निवास पर जांच या तलाशी होने से उसकी किसी अपराध में संलिप्तता साबित नहीं होती।
आधिकारिक खुलासे का इंतजार
फिलहाल नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों पर हुई कार्रवाई को लेकर जांच एजेंसी के विस्तृत बयान का इंतजार है। EOW की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि छापेमारी में कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी या अन्य सामग्री जब्त की गई है या नहीं। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किस प्रकरण से जुड़ी है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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