छत्तीसगढ़

अंबिकापुर में पुलिस महकमे की किरकिरी, नशे में मिले ASI और आरक्षक

Shantanu Roy
19 Oct 2026 12:52 PM IST
अंबिकापुर में पुलिस महकमे की किरकिरी, नशे में मिले ASI और आरक्षक
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Ambikapur. अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। दुर्ग जिले से एक कैदी को अंबिकापुर जेल में शिफ्ट करने पहुंचे सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक कथित तौर पर शराब के नशे में धुत मिले। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों पुलिसकर्मी अपनी सरकारी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में छोड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची बस स्टैंड चौकी पुलिस ने हथियार को अपने कब्जे में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है।

कैदी को जेल में शिफ्ट करने आए थे दोनों पुलिसकर्मी
मिली जानकारी के मुताबिक, संबंधित सहायक उपनिरीक्षक और आरक्षक दुर्ग जिले में पदस्थ हैं। दोनों पुलिसकर्मियों को एक कैदी को दुर्ग से अंबिकापुर जेल में स्थानांतरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी सिलसिले में वे अंबिकापुर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी प्रतीक्षा बस स्टैंड के आसपास कथित तौर पर शराब के नशे में मिले। उनकी हालत देखकर आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की ऐसी स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता देखने को मिली।

लावारिस हालत में मिली सरकारी INSAS राइफल
घटना का सबसे गंभीर पहलू सरकारी हथियार की सुरक्षा से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों के पास मौजूद INSAS राइफल लावारिस हालत में पड़ी मिली। सरकारी हथियार को इस तरह असुरक्षित छोड़ने से किसी बड़ी अनहोनी की आशंका पैदा हो सकती थी। INSAS राइफल पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला हथियार है। ऐसे हथियारों की सुरक्षा और देखरेख को लेकर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक होता है। इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि लावारिस राइफल किसी असामाजिक तत्व के हाथ लग जाती, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे।

स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना
प्रतीक्षा बस स्टैंड के आसपास मौजूद लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों की स्थिति और लावारिस हथियार को देखकर तत्काल बस स्टैंड चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद लावारिस हालत में मिली INSAS राइफल को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते सरकारी हथियार सुरक्षित पुलिस के कब्जे में पहुंच गया। इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

कैदी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू कैदी की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। जिन पुलिसकर्मियों को कैदी को सुरक्षित जेल पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्हीं पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में होने का आरोप लगा है। हालांकि, कैदी को जेल में शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया पूरी हुई थी या नहीं और घटना के समय वह कहां था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसी परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों की कथित लापरवाही को गंभीर माना जा रहा है। कैदियों की सुरक्षा और सरकारी हथियारों की देखरेख पुलिस एस्कॉर्ट ड्यूटी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया मामले का संज्ञान
घटना की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। हालांकि, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक किसी विभागीय कार्रवाई या निलंबन की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा दोनों के शराब के नशे में होने की चिकित्सकीय पुष्टि से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पुलिस विभाग में ड्यूटी के दौरान अनुशासन, सरकारी हथियारों की सुरक्षा और जिम्मेदारी निभाने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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